चंडीगढ़: पंजाब विश्वविद्यालय की 59 साल पुरानी सेनिट और सिंडीकेट को समाप्त करने के मामले में आज (बुधवार) को एक बड़ा मोड़ आया है। केंद्र सरकार ने यूटर्न लेते हुए अपना वह विवादित नोटिफिकेशन वापस ले लिया है, जिसके द्वारा सेनिट और सिंडीकेट को भंग किया गया था। यह बड़ा फैसला आज (बुधवार) ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा दी गई कानूनी चुनौती की चेतावनी के तुरंत बाद आया है।

सीएम मान ने आज सुबह ही ट्विट करके घोषणा की थी कि पंजाब सरकार, केंद्र के इस “असंवैधानिक” फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी। उन्होंने इसे “धक्केशाही” बताते हुए वकीलों का एक बड़ा पैनल बना कर डट कर लड़ाई लड़ने की बात कही थी। उल्लेखनीय है कि 1 नवम्बर को केंद्र ने एक नोटिफिकेशन जारी कर 142 साल पुरानी विश्वविद्यालय की इन दोनों शीर्ष संस्थाओं को भंग कर दिया था। इस फैसले का पंजाब में अकाली दल और ‘आप’ समेत सभी छात्र संगठन ने सख्त विरोध किया था। आलोचकों ने इसे विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और पंजाब के अधिकारों पर हमला बताया था।