अमृतसरः पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए जाने वाले सिख जत्थे को वीजा मिल गया है। वीजा मिलने की सूचना मिलते ही श्रद्धालु शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यालय पहुंचे और अपने पासपोर्ट प्राप्त किए तथा कमेटी का तहे दिल से धन्यवाद किया।
तीर्थयात्री हरभजन सिंह, कुलविंदर कौर, निर्मल सिंह ने बताया कि वे लंबे समय से पाकिस्तान के पवित्र गुरुद्वारों जैसे गुरु नानक देव जी की जन्मस्थली ननकाना साहिब, दरबार साहिब करतारपुर, गुरु अर्जन देव जी और गुरु हरगोबिंद साहिब जी से जुड़े तीर्थ स्थलों के दर्शन करना चाहते थे। अब उनकी प्रार्थना स्वीकार हो गई है और उन्होंने इस पवित्र यात्रा पर जाने की तैयारी शुरू कर दी है। श्रद्धालुओं ने कहा कि यह सब श्री गुरु रामदास जी की कृपा से संभव हुआ है और 4 नवंबर को अमृतसर से पाकिस्तान के लिए जत्था रवाना होगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न गुरुद्वारों के दर्शन करने का सोभाग्य उन्हें मिला है। श्रद्धालुओं ने कहा कि वे गुरुद्वारों में पंथ की उन्नति और समुदाय की एकता के लिए प्रार्थना करेंगे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए एसजीपीसी सचिव प्रताप सिंह ने बताया कि हर साल श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव के अवसर पर एसजीपीसी द्वारा सिख श्रद्धालुओं का एक जत्था पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारों के दर्शनों के लिए भेजा जाता है। एसजीपीसी द्वारा 1802 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा के लिए पाकिस्तान दूतावास भेजे गए थे, जिनमें से 1796 श्रद्धालुओं को वीजा मिल चुका है। उन्होंने गुरु साहिब के प्रकाशोत्सव के अवसर पर जाने वाले श्रद्धालुओं को वीजा प्रदान करने के लिए भारत और पाकिस्तान सरकारों का भी आभार व्यक्त किया।
सचिव प्रताप सिंह ने बताया कि जिन तीर्थयात्रियों ने वीजा के लिए आवेदन किया है, वे 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को एसजीपीसी कार्यालय से अपने पासपोर्ट प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह जत्था 4 नवंबर को वाघा बॉर्डर होते हुए पाकिस्तान के श्री ननकाना साहिब जाएगा, जहां श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव से संबंधित समारोहों में भाग लेने के बाद, यह जत्था विभिन्न गुरुद्वारों के दर्शन करेगा और 13 नवंबर को भारत लौटेगा। इस दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षा, आवास और परिवहन की पूरी सुविधा उपलब्ध कराने के प्रबंध किए गए हैं।