भीड़वालाः साइबर ठगों ने ठगी का एक नया तरीक अपनाया। ठगों ने एक महिला मंडल के ग्रुप में वेडिंग कार्ड भेज 150 से ज्यादा महिलाओं का व्हाट्सएप हैक कर लिया। इतना ही नहीं साइबर ठगों ने बुजुर्गों को ऐसे लिंक भेजे जिसमें फोन के कॉलिंग फंक्शन के सिवाय कोई भी सिस्टम काम ही काम नहीं कर रहा था। ग्रुप में आए मैसेज को लेकर महिलाओं ने एक दूसरे को मैसेज और फोन कर इस फाइल को डाउनलोड नहीं करने को कहा। साथ ही बैंक में जाकर अपने अकाउंट को भी फ्रीज करवाया, ताकि साइबर ठग उनके रुपयों को न निकल सकें।
साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि शादी का सीजन शुरू होने से पहले साइबर ठग कार्ड भेज कर फोन में APK फाइल इनस्टॉल करवा रहे हैं। एक्सपर्ट ने बताते हैं कि ऐसे मामलों में 90% चूक (यूजर्स) की ही होती है। हम जाने-अनजाने में ऐसे हैकर्स को अपना फोन कंट्रोल में लेने दे देते हैं। भीलवाड़ा में रहने वाली हाउसवाइफ ललिता खमेसरा ने बताया कि दिवाली से पहले उनके मोबाइल पर उनकी फ्रेंड के नंबर से शादी का इनविटेशन कार्ड का लिंक आया था। लिंक को क्लिक किया तो ये ओपन नहीं हुआ, इसके बाद वो सो गई। उसी रात करीब 3 बजे के आसपास उनके मोबाइल पर एक वॉट्सऐप कॉल आया। वे नींद में थीं तो ध्यान नहीं दिया। सुबह उठी तो उनके मोबाइल से उनका वॉट्सऐप अनइनस्टॉल हो चुका था। ललिता ने बताया कि सुबह जब उन्होंने अपनी बेटी से इस बारे में बात की तो उसने तुरंत उनका फोन पे अकाउंट चेक किया। उनके फोन पे को भी हैक कर लिया गया था। उसके पिन भी चेंज कर दिए थे लेकिन एसबीआई बैंक सिक्योरिटी के चलते उसमे से रुपए नहीं ट्रांसफर हो पाए। उस समय उनके अकाउंट में डेढ़ लाख रुपए थे। उन्होंने तुरंत बैंक जाकर सारा कैश निकलवाया।
ललिता खमेसरा ने बताया कि कुछ देर बाद में उनकी दूसरी फ्रेंड के फोन आए जिन्होंने उन्हें बताया कि उनके मोबाइल नंबर से ग्रुप में वॉट्सऐप पर लिंक आ रहा है। जिसमें शादी का इनविटेशन है। उन्होंने सभी को बताया की ऐसा कोई लिंक उन्होंने नहीं भेजा है ओर किसी भी ऐप पर क्लिक करने के लिए भी मना किया। इसके बाद उन्होंने पूरे फोन को फॉर्मेट किया तब जा कर APK लिंक फोन से रिमूव हुआ।
महिला मंडल ग्रुप की मेंबर रीना जैन ने बताया कि सुबह-सुबह अपने किचन में काम कर रही थी, इसी दौरान हमारे फ्रेंड्स के वॉट्सऐप ग्रुप में शादी का इनविटेशन लिंक आया। मुझे लगा ललिता जी ने किसी की किसी शादी का कार्ड भेजा है। मैं उस लिंक पर क्लिक करने वाली थी कि इसी बीच हमारे ग्रुप में मैसेज आ गया कि यह लिंक फर्जी है और इनके परिवार में कोई शादी नहीं है। ऐसे में सब को सूचना मिली और किसी ने भी उस लिंक पर क्लिक नहीं किया। ग्रुप की जिन-जिन मेंबर्स ने क्लिक किया उन्होंने अपना फोन रिसेट कर अपने अकाउंट को बचाया।
साइबर एक्सपर्ट ने बताया कि 90% मामलों में हमारी चूक की वजह से साइबर अटैक होते हैं। कोई 10 परसेंट ही ऐसे मामले हैं जिसमें जबरन किसी यूजर के साथ साइबर ठगी की गई हो। अगर कभी गलती से भी ऐसा हो जाए तो सबसे पहले अपने फोन को बैंक से अनलिंक करें और इसके बाद साइबर थाने और बैंक में जाकर पूरा मामला बताएं।
कैसे पहचानें मोबाइल हैक हो चुका है?
आपके मोबाइल में कहीं ऐसा ऐप इंस्टॉल तो नहीं हो रखा। यह पता लगाने के लिए मोबाइल की सेटिंग में जाकर .apk, .exc, .pif, .shs, .vbs लिखकर सर्च करें। अगर आपके मोबाइल इस तरह के ऐप इंस्टॉल होंगे तो सर्च करने पर इनकी फाइल सामने आ जाएगी। उसे अनइंस्टॉल कर दें। आपके पास कोई भी अनजान लिंक आए तो उस पर न क्लिक करें और न शेयर करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करना चाहिए या फिर वेबसाइट http://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवानी चाहिए।