अमृतसरः जिले में निरमान मेडिकल सेंटर अस्पताल में इलाज करवाने गए नौजवान की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत गई। वहीं नौजवान की मौत को लेकर पंजाब रोडवेज कर्मचारियों द्वारा प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान 32 वर्षीय मृतक गुरनेक सिंह के रूप में हुई है। गुरनेक सिंह पीआरटीसी अमृतसर वन का कंडक्टर है। कर्मियों का कहना है कि कल दोपहर गुरनेक सिंह अस्पताल ऑपरेशन कराने के लिए पहुंचा था, लेकिन ऑपरेशन होने से पहले ही उसकी अस्पताल में मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने उसे गलत इंजेक्शन लगाया, जिसकी वजह से उसकी ओवरडोज के कारण मौत हो गई।
पिता रशपाल सिंह ने बताया कि उनका बेटा स्वस्थ थाऔर इलाज करवाने अस्पताल गया था। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल प्रशासन ने पता नहीं बेटे को कौन-सा टीका लगा दिया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन द्वारा बेटे को वेंटिलेटर पर भी नहीं रखा और खुद ही मृत घोषित कर लाश सीधे घर भेज दी। इस घटना से गुस्साए रोडवेज कर्मचारियों ने अस्पताल के बाहर धरना लगाकर न्याय की मांग की।
पंजाब रोडवेज यूनियन के अध्यक्ष ने हीरा सिंह कहा कि एक 32-33 साल का युवक इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा था, उसे जिंदा की जगह लाश बनाकर घर भेज दिया गया। इस मामले को लेकर वह प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह इससे भी बड़ा प्रदर्शन किया करेंगे। वहीं मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी किरनदीप सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमें जानकारी मिली थी कि गुरनेक सिंह नामक व्यक्ति अस्पताल में सर्जरी के लिए आया था, जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
प्रारंभिक तौर पर मामले की जांच चल रही है और अस्पताल स्टाफ से पूछताछ की जा रही है। परिवार से मिली स्टेटमेन के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आश्वासन दिय है कि परिवार को पूरा न्याय दिया जाएगा। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस घटना के कारण क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और मृतक के साथियों का कहना है कि यदि आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वह आगे और बड़ा प्रदर्शन करेंगे।