चंडीगढ़ः पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बेअंत सिंह की हत्या के मामले के प्रमुख गवाह बलविंदर सिंह उर्फ बिट्टू ने चंडीगढ़ पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए है। बिट्टू का आरोप है कि उसकी सुरक्षा में ढील दी जा रही है। दरअसल, बिट्टू ने अपनी सुरक्षा बहाल ना करने पर चंडीगढ़ पुलिस को घेरते हुए वीडियो जारी किया है। जिसमें बिट्टू ने कहा कि वह बार-बार डीजीपी और एसएसपी आफिस के चक्कर लगाकर तंग आ चुका है। बलविंद्र सिंह बिट्टू ने अपनी सुरक्षा में ढील को लेकर पुलिस को सख्त चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा कि अगर उसके साथ कुछ हुआ, तो उसके लिए चंडीगढ़ पुलिस की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह चंडीगढ़ पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखते हुए पहले से उपलब्ध कराई गई पूरी सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल पुनः लागू करने की अपील की है। बलविंदर सिंह बिट्टू ने मंगलवार को एसएसपी (सुरक्षा) समर प्रताप सिंह से मुलाकात की, लेकिन उनके अनुसार इस बैठक में उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जिसके बाद उन्होंने पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया को भी ज्ञापन सौंपा है।
बिट्टू ने कहा कि उन्हें अब भी आतंकवादी और कट्टरपंथी संगठनों से जान का खतरा बना हुआ है, इसलिए उनकी सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढील गंभीर परिणाम ला सकती है। बिट्टू ने अपने पत्र में बताया कि वे वर्तमान में चंडीगढ़ के सरकारी आवास में रह रहे हैं और उनके खिलाफ खतरे को पंजाब तथा चंडीगढ़ पुलिस के साथ-साथ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट भी कई बार मान्यता दे चुका है। बार-बार अपील करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही। बिट्टू ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा व्यवस्था उनके खिलाफ खतरे की गंभीरता के आधार पर दी गई थी और इसे हाईकोर्ट ने भी आवश्यक माना था। विशेष रूप से सीडब्ल्यूपी नंबर 1725/2004 में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश बिनोद कुमार राय और न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने निर्देश दिया था कि यदि गवाह की सुरक्षा में कोई ढिलाई होती है तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा। बलविंदर सिंह बिट्टू ने मांग की है कि यूटी सिक्योरिटी रिव्यू कमेटी उनकी वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए नई थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट तैयार करे और पहले जैसी पूरी सुरक्षा व्यवस्था तुरंत बहाल की जाए।