जालंधर, ENS: छठ महापर्व पर आज उगते सूरज के पूजन के साथ 36 घंटे का निर्जला उपवास खत्म हो गया। यह पर्व श्री देवी तालाब मंदिर, गद्दईपुर सहित 27 घाट पर मनाया गया। दरअसल, आज यानी मंगलवार को छठ पर्व का आखिरी दिन है। 4 दिन का ये महापर्व 25 अक्टूबर को नहाय खाय से शुरू हुआ था। आज उगते सूरज को ‘ऊषा अर्घ्य’ दिया गया। इसके साथ ही 36 घंटे का निर्जला उपवास खत्म हो गया।
इस दौरान नहरों पर भक्ति का रंग बिखरा हुआ दिखाई दिया। वहीं गद्दईपुर की तस्वीरें भी सामने आई है, जिसमें भक्ति का ये आलौकिक नजारा देखा जा सकता है। हाजारों की तादाद में लोग नहर पर उगते सूरज को ‘ऊषा अर्घ्य’ देने के लिए पहुंचे हुए है। गद्दईपुर, श्री देवी तालाब मंदिर सहित कई कृत्रिम घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। ठंड बढ़ने के बावजूद महिलाएं पानी में खड़ी नजर आई। मंगलवार सुबह से भक्त लेक व सरोवरों पर पहुंच गए थे, जहां पर सामूहिक अर्घ्य दिया गया।
वहीं बिहार के रहने वाले पंडित एके मिश्रा ने बताया कि वह 1994 से पंजाब आकर बस गए। उस दौरान छठ पर्व मनाने वालों की संख्या इतनी ज्यादा नहीं थी। उस समय श्रद्धालु छठ पर्व मनाने के लिए अपने-अपने घरों में ही जाते थे। लेकिन इस पर्व को अब भारी संख्या में लोग पंजाब में मना रहे है। पंजाब में अब श्रद्धालु भारी संख्या में पर्व मना रहे है, यही कारण है कि छठ पर्व के दौरान जालंधर के घाटों पर भी पैर रखने की जगह नहीं मिलती।
छठ पर्व पर भक्तों ने श्री देवी तालाब मंदिर, श्री बेअंत सिंह पार्क फोकल पॉइंट, गदईपुर नहर, संजय गांधी नगर की नहर, लम्मा पिंड सैलानी माता मंदिर, डीएवी नगर कबीर नगर, बस्ती बावा खेल, बस्ती बावा खेल नहर वाली पुली, ग्रोवर कॉलोनी नहर किनारे, शिवपुरी धाम घास मंडी बस्ती शेख, श्री राम सरोवर मंदिर मॉडल हाउस, बशीरपुरा पानी की टंकी ग्रांउड, बगीची मंदिर अजीत नगर, नूरपुर कॉलोनी पानी की टंकी के पास, शिव मंदिर नूरपुर कॉलोनी, रंधावा मसंदा नहर लोहे वाली पुली, न्यू उपकार नगर डॉ. बीआर अंबेडकर स्कूल के सामने वाली सड़क व अन्य कई जगहों पर बने घाटो पर पूजा की।