ऊना/सुशील पंडित: भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा कहानी वाचन शृंखला “एक समय की बात है” का शुभारम्भ किया गया| इस शृंखला के अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह के अंत में एक सत्र का आयोजन किया जाएगा जिसमें किसी वरिष्ठ कहानीकार द्वारा विद्यालय एवं महाविद्यलय के छात्रों को एक प्रेरणादायक कहानी सुनाई जाएगी| युवा पीढ़ी में सृजनात्मक लेखन, चिंतन, और लोक संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति भावनात्मक जुड़ाव विकसित करने के उद्देश्य से इस शृंखला को प्रारम्भ किया गया है|
इसी श्रृंखला के अंतर्गत विभाग द्वारा लता मगेश्कर कला केन्द्र समूरकलां में कहानी वाचन सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा भारती बी० एड० कॉलेज के छात्रों एवं शिक्षकों ने भाग लिया| सत्र के प्रारम्भ में वरिष्ठ साहित्यकार अशोक कलिया द्वारा कहानी एवं उसके तत्त्वों तथा कहानी लेखन पर विचार व्यक्त किए| तदोपरांत जिला ऊना की वरिष्ठ कहानीकार अलका चावला द्वारा “माँ और मातृदिवस ” शीर्षक कहानी का वाचन किया गया| कहानी सुनने के उपरान्त छात्रों द्वारा कहानी सम्बन्धित अपनी-अपनी अभिव्यक्तियाँ अभिव्यक्त की जैसे – “कहानी का नायक जहाँ एक ओर मातृदिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में माँ पर बहुत सुंदर कविता सुनाता है वहीं घर आकर अपनी माँ के साथ दुर्व्यवहार करता है जिसको नायक की बेटी नेहा देखती रहती है “कहानी का यह अंश श्रोताओं को प्रेरणा देता है की हमारी कथनी और करणी में समानता होनी चाहिए और अपने माता-पिता के प्रति सदैव समर्पण और सेवा का भाव होना चाहिए| हम अपने माता-पिता के साथ जैसा व्यवहार करते हैं हमारे बच्चे भी उसी से प्रभावित होते हैं|
कार्यक्रम के अंत में जिला भाषा अधिकारी ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि कहानियाँ हमें जीवन के नैतिक मूल्य, जीवन के अनुभव, और संकटों का सामना करने की प्रेरणा देती हैं । वे हमारे जीवन में सहानुभूति, विश्वास, और गहरी भावनाएं पैदा करती हैं, जिससे मनुष्य अपने लक्ष्यों पर विश्वास करने और कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित होता है। उन्होंने कहा कि विभाग भविष्य में भी इस तरह के आयोजन नियमित रूप से करता रहेगा ताकि युवा पीढ़ी में सृजनात्मक लेखन, चिंतन, और लोक संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति भावनात्मक जुड़ाव की भावना पैदा हो सके|