रूपनगरः पंजाब से राज्यसभा के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने में हुए फर्जीवाड़े को लेकर रूपनगर पुलिस और चंडीगढ़ पुलिस में विवाद हो गया था। जिसके बाद मामला काफी चर्चा में रहा। इस मामले में रूपनगर पुलिस ने नवनीत चतुर्वेदी को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया था। चतुर्वेदी को 7 दिन के पुलिस रिमांड के बाद रूपनगर के चीफ जुडीशियल मैजिस्ट्रेट सुखविंदर सिंह की अदालत में पेश किया गया था।
जिसके बाद रूपनगर की अदालत ने 14 दिन के लिए नवनीत को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत में आरोपी के वकील हेमंत चौधरी ने नवनीत चतुर्वेदी को खतरा होने की आशंका जताई है। ऐसे में एडवोकेट ने जेल में सुरक्षित रख जाने की याचिका दायर की है। अदालत द्वारा नवनीत चतुर्वेदी को अरेस्ट वारंट होने के बावजूद रूपनगर पुलिस के हवाले ना करने वाले चंडीगढ़ के थाना 3 के एसएचओ को अदालत में पेश होने के लिए कहा गया था। कोर्ट ने सम्मन जारी करते हुएएसएचओ को शुक्रवार को निजी तौर पर पेश होने के निर्देश जारी किए है।
लेकिन आज एसएचओ की अनुपस्थिति में सब इंसपेक्टर परमिंदर सिंह पेश हुए। अदालत ने शुक्रवार को एसएचओ को खुद पेश होने के लिए सम्मन जारी किए है। वहीं कोर्ट में रूपनगर पुलिस द्वारा चतुर्वेदी के दोबारा पुलिस रिमांड की मांग नहीं की गई। अदालत में आरोपित चतुर्वेदी के हस्ताक्षर के सैंपल लिए गए हैं। इन हस्ताक्षरों को एक्सपर्ट के पास जांच के लिए भेजा जाएगा। पुलिस ने अदालत के समक्ष आरोपी चतुर्वेदी के मोबाइल नंबर का डुप्लीकेट सिम निकलवाने की भी मांग की। जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।