पंचकूला: रिटायर टीचर से 57 लाख रुपये की ठगी हुई थी। व्यक्ति ने फर्जी वीडियो कॉल, पुलिस की वर्दी और सुप्रीम कोर्ट का जज बनकर झूठे आदेशों के जरिए ठगी को अंजाम दिया था। इस मामले में सेक्टर-16 पंचकूला के रहने वाले 78 साल के बुजुर्ग ने सेक्टर-20 के साइबर थाने में पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने मामला दर्ज करके अब एक आरोपी राजस्थान के किश्नगढ़ से गिरफ्तार किया है।
इससे पहले भी आफताब नाम का आरोपी गिरफ्तार किया गया था। आफताब के खाते का ट्रांजेक्शन में इस्तेामल किया गया था। शिकायतकर्ता 2005 में शिक्षा विभाग चंडीगढ़ से अध्यापक के पद से रिटायर हुए थे। 20 जून को रात में 10 बजे उन्हें एक वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाला व्यक्ति जज की वर्दी में था। बैकग्राउंड में पुलिस की वर्दी नजर आ रही थी। इसके बाद लगातार उसे दो और नंबरों के जरिए ऑडियो और वीडियो कॉल आई।
अलग-अलग लोगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उसे डरा धमका कर गिरफ्तार करने की बात कही। पैसा ट्रांसफर होने के बाद जब कॉल आनी बंद हुई तो पता चला की मामला ठगी का है। अब इसी मामले में पुलिस ने एक नए आरोपी आशिफ मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करके अंबाला की जेल में भेज दिया है।
57 लाख रुपये की मांगी सिक्योरिटी
कॉल करने वाले व्यक्ति ने टीचर को व्हाट्सएप्प पर एक फर्जी डिटेल भेजी। उन्होंने कहा कि जब तक यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के द्वारा खारिज नहीं किए जाएंगे तब तक उन्हें 57 लाख रुपये सिक्योरिटी के तौर पर जमा करवाने पड़ेंगे। इसके बाद उनके पैसे वापिस कर दिए जाएंगे। ऐसे में टीचर ने अगले दिन 21 जून को खुद तीन-तीन अलग ट्रांजेक्शन में कुल 57 लाख रुपये खातों में ट्रांसफर किए। इसमें से 5 लाख उनके खाते से, 29 लाख उनकी पत्नी के खाते से और 23 लाख रुपये अन्य खाते से भेजे गए।
इसके बाद सब इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने पूरी सूझ बूझ के साथ 3 दिन में केस सॉल्व किया। 23 तारीख को शिकायतकर्ता ने साइबर थाने में ठगी होने की कंप्लेंट दी थी और एफआईआर रजिस्टर्ड कर ली थी। तीन दिन में ही सब इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने यह केस सॉल्व कर दिया था। आरोपी को राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार किया था और अब दूसरे आरोपी को भी राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है।