जैसलमेरः राजस्थान के जैसलमेर में हुए दर्दनाक बर्निंग बस हादसे के बाद जोधपुर परिवहन विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया। हादसे के बाद जोधपुर आरटीओ टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए करीब 40 बसों के चालान काटे हैं। मिली जानकारी के अनुसार बस मालिकों पर 10 से 30 हजार रुपये तक के चालान किए गए, जबकि कई बसों को सीज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा हैकि प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर आनन फानन में ट्रेवल्स कंपनियों ने अपनी बसों को बंद कर दिया है। जिसके चलते यात्री परेशान हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, जोधपुर आरटीओ में 6 कोच या साढ़े तेरह मीटर से बड़ी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नियमों के तहत नहीं किया जाता। ऐसे में कई वाहन मालिक अपनी बसों का रजिस्ट्रेशन अन्य जिलों जैसे चित्तौड़गढ़ आदि में करवाते हैं। हादसे में शामिल बस का रजिस्ट्रेशन भी चित्तौड़ से कराया गया था।
परिवहन विभाग ने बताया कि सभी बसों में फायर सेफ्टी उपकरण और ग्लास तोड़ने के हैमर तो हैं, लेकिन आपात द्वार तय मानक के अनुसार नहीं हैं, जो गंभीर सुरक्षा कमी है। इसी मुद्दे पर ट्रेवल्स एसोसिएशन की बैठक कल दोपहर बुलाई गई है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि मानक के विपरीत चलने वाली बसों पर रूट स्तर पर कड़ी कार्रवाई तय है। सरकार हादसे के बाद फुल एक्शन मोड में दिखाई दे रही है।