अधिकारियों के मुताबिक बंगाणा बाजार में कई बड़े भवन आए जांच के घेरे में
ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा मुख्यालय पर बंगाणा बाजार में अवैध कब्जों और निर्माणों को लेकर जारी तीन दिवसीय राजस्व विभाग की कार्रवाई पूरी हो गई है। माननीय हाईकोर्ट के आदेशानुसार अवैध निर्माणों की निशानदेही का कार्य अव समाप्त हो चुका है। राजस्व विभाग ने सभी विवादित स्थलों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे अब उच्चाधिकारियों की कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
इस अवैध निर्माण की निशानदेही अभियान का नेतृत्व तहसीलदार बंगाणा अमित कुमार ने किया, जबकि निरीक्षण टीम में राजस्व अधिकारी नीरज कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पूरी प्रक्रिया उपमंडलाधिकारी (नागरिक) बंगाणा सोनू गोयल की अध्यक्षता में गठित कमेटी की देखरेख में संपन्न हुई। यह कार्रवाई 13 से 15 अक्टूबर तक लगातार तीन दिनों तक चली, जिसमें राजस्व टीम ने बाजार क्षेत्र की हर दुकान और भवन का बारीकी से निरीक्षण किया। राजस्व अधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि “माननीय हाईकोर्ट के आदेशों के तहत बंगाणा बाजार में अवैध निर्माणों की निशानदेही का कार्य किया गया है। अब पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और रिपोर्ट कमेटी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। कमेटी के आगामी निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में कई बड़े व्यावसायिक भवन और शीश महल जैसे बहुमंजिला निर्माण भी निशाने पर हैं। विभाग ने फिलहाल इस रिपोर्ट को गोपनीय रखा है ताकि किसी भी तरह का राजनीतिक या सामाजिक दबाव न बने, बताया जा रहा है कि जिन दुकानदारों और भवन मालिकों ने सड़क की ओर अतिक्रमण कर निर्माण किया है, उन पर सख्त कार्रवाई की संभावना है। बाजार में लगातार तीन दिनों तक हुई इस कार्रवाई से व्यापारियों और स्थानीय लोगों में हलचल देखी गई। कई दुकानदार अपनी-अपनी सीमाएं मापने और निशानदेही में शामिल रहे, वहीं कुछ लोगों ने अपने निर्माण कार्यों को लेकर सफाई भी दी। हालांकि, राजस्व विभाग ने किसी से कोई बयान सार्वजनिक नहीं किया और पूरी प्रक्रिया को कानूनी ढंग से आगे बढ़ाया। अब नजरें कमेटी की अगली बैठक और प्रशासन के अंतिम फैसले पर टिकी हैं,जो तय करेगा कि बंगाणा बाजार की तस्वीर कब और कैसे बदलेगी।