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Jalandhar पहुंचे सेहत मंत्री बलबीर ने केंद्र पर साधा निशाना, देखें वीडियो

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सेटेलाइट से केंद्र पराली जलाने के केस करती है, लेकिन बाढ़ से डूबे गांव नहीं दिखे

जालंधर, ENS: पंजाब के सेहत मंत्री बलबीर सिंह आज जालंधर पहुंचे। जहां उन्होंने पराली व नशे को लेकर केंद्र पर निशाने साधे। इस दौरान उनके साथ डिप्टी कमिश्नर हिमांशु अग्रवाल और पूर्व मंत्री बलकार सिंह मौजूद रहे। इस दौरान सेहत मंत्री ने कहाकि एक से दो प्रतिशत डॉक्टर खराब हो सकते है और वह पुलिस में भी देखने को मिलेंगे। हालांकि राजनीति में ज्यादा मात्रा में दिखाई देंगे। वहीं नशे को लेकर सेहत मंत्री ने केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ मुहिम लगातार चलाई जा रही है, जो परिवार के लैवल पर, गांव वासियों और आम जनता के लैवल पर लड़ाई लड़कर इस नशे को खत्म किया जा सकता है।

महाराष्ट्र, गुजरात और पाक बॉर्डर से नशे की खेप पंजाब आ रही है। ऐसे में उसे उठाने वाले भी पंजाब के कुछ लोग है। उन्होंने माना कि केंद्र में कुछ पैसों के लिए नशे की गोलियां नशेड़ियों को अतिरिक्त थमा दी जाती है। 18 हजार बच्चों ने पंजाब में नशे को छोड़ दिया है और वह काम सीखने में लगे हुए है। ऐसे में सोसायटी से क्राइम अगर खत्म होता है तो यह पंजाब के लिए अच्छी खबर है। सेहत मंत्री ने कहाकि पंजाब में गांवों में नशे छोड़ने वाले लोगों के परिवार से मुलाकात करों तो नशे के खिलाफ चलाई गई मुहिम के असर के बारे में पता चलेंगा कि कितने युवा अब तक नशा छोड़ चुके है। उन्होंने कहाकि नशा छोड़ने वालों को केंद्र की ओर से एक सप्ताह की गोलियां दी जाती है।

ऐसे में अब केंद्रों में जहां दवाई मैनुफैक्चिंग होगी, उसको लेकर जांच की जाएंगी। जिसमें गोली में साल्ट को लेकर सारा पता लगाया जाएंगा। पंजाब में बाढ़ को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में किसानों के खेतों में पराली को आग लगने के बारे में सैलेलाइट के जरिए पता चल जाता है। लेकिन केंद्र को बाढ़ में किसानों की जमीने, फसले और उनके घर गिरते हुए दिखाई नहीं दिए। इस दौरान किसानों के भारी मात्रा में पशु पानी के बहाव में पाक की ओर बह गए, लेकिन सैलेलाइट के जरिए केंद्र को वह दिखाई नहीं दिए। सेहत मंत्री ने केंद्र को चश्मा उतारने की अपील की है। केरल, कश्मीर, बगांल में बाढ़ आने पर सबसे आगे पंजाबी लोग आए।

उन्होंने कहा कि बिहार में 40 से अधिक पुल क्षतिग्रस्त हो चुके है, लेकिन उसको लेकर केंद्र द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। सेहत मंत्री ने कहाकि पंजाब में आई बाढ़ में किश्तियों से लेकर अन्य प्रंबंध पंजाब सरकार की ओर से किए गए। लेकिन केंद्र की ओर से कोई मदद नहीं की गई। उन्होंने कहा कि 7 हजार 500 करोड़ महिलाओं के खाते में केंद्र की ओर बिहार में दिया गया। पंजाब में आई बाढ़ से महिलाओं का काफी नुकसान हुआ, लेकिन केंद्र ने पंजाब की महिलाओं के खाते में एक रुपया नहीं डाला। 42 हजार करोड़ गंगा मईया की सफाई के लिए दिए गए,लेकिन गंगा मईया साफ क्यों नहीं हुई।11 हजार 500 करोड़ कोसी नदी की रोकथाम के लिए केंद्र की ओर से दिए गए। सेहत मंत्री ने कहा कि केंद्र बताए पंजाब में पानी की रोकथाम के लिए कितने रुपए दिए गए वह बताया जाए।

लेकिन पंजाब से भेदभाव किया जा रहा है। पंजाब में बाढ़ ग्रस्त राज्य को क्यों नहीं पैकेज दिया। उन्होंने कहा कि गंगा मईया की सफाई के लिए केंद्र द्वारा 42 हजार करोड़ दिए गए, लेकिन गंगा मईया साफ क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पंजाब से भेदभाव किया जा रहा है। पंजाब में बाढ़ ग्रस्त राज्य को क्यों नहीं पैकेज दिया। बाढ़ में डूबे 2300 गांवों को मलहम लगाने का काम केंद्र नहीं कर रही बल्कि उनके साथ अन्याय कर रही है। केंद्र से अपील करते हुए कहाकि अगर पंजाब के लिए कुछ बेहतर कर सकते है तो वह कर दें।

बॉर्डर में रावी से मिट्टी उठाने को लेकर भी सेहत मंत्री ने केंद्र पर जमकर निशाने साधे। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी पंजाब दौरे पर आए थे। इस दौरान वह चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान का हालचाल जानने नहीं पहुंचे। उन्होंने कहाकि पंजाब, हिमाचल, कश्मीर, उतराखंड, कर्नाटक, केरल सहित अन्य राज्यों में बाढ़ आई है। ऐसे में पीएम मोदी को इन सभी राज्यों के मुख्यमंत्री से मीटिंग करके उन्हें मुआवजा देना चाहिए। वहीं उन्होंने कहा कि केंद्र पाक बॉर्डर से आने वाले नशे को क्यों रोक नहीं लगा रही।

इस दौरान सिविल अस्पताल में मरीज बैठ के नीचे लेटा हुआ दिखाई दिया। वहीं अस्पताल के बेड काफी गंदे दिखाई दिए। इस मामले को लेकर सेहत मंत्री ने वीडियो मांगते हुए तुरंत एक्शन लेने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहाकि अब तक 400 से अधिक डॉक्टरों की भर्ती हो चुकी है। बाढ़ के कारण कुछ डॉक्टर गांवों में तैनात किए गए थे, जल्द वह अस्पताल में पहुंच जाएंगे। वहीं सेक्सुअल मामले में लगे आरोपों को सेहत मंत्री ने बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि जहां उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है, उस जगह पर वह पिछले डेढ साल से नहीं गए। उन्होंने कहा कि टिकट ना मिलने को लेकर यह कहानी बनाई गई है। सेहत मंत्री ने कहाकि उनका जीवन खुली किताब की तरह है। ऐसे में कोई भी पटियाला में आकर उनके बारे में पता कर सकता है। सेहत मंत्री ने कहा कि पिछले डेढ साल से वह महिला से नहीं मिले। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया।

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