पंचकूला: जिला अदालत की ओर से साल 2018 में पत्नी की हत्या के आरोप में पति और दो लोगों की उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। इस मामले में पति मनमोहन और दो लोगों ने मिलकर पत्नी की हत्या की साजिश रची थी। हत्या करने के बाद आज तक पुलिस को पत्नी का शव नहीं मिला। इस मामले में 8 साल के बाद पंचकूला की जिला अदालत ने आरोपी मनमोहन और दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है।
इस मामले में पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (सरकारी वकील) आकाशदीप सिंह ने कहा कि 16 जनवरी 2018 को आरोपी मनमोहन के द्वारा पुलिस को एक दरखासत दी थी। इसमें आरोपी ने उसकी पत्नी के गुम होने की शिकायत पुलिस को दी थी। पत्नी को ढूंढने के लिए पुलिस ने जांच पड़ताल की थी और इसके बाद एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच में पता चला कि आरोपी मनमोहन ने अपनी प्रेमिका मोनिका और अपने जीजा संदीप गिल के साथ मिलकर पत्नी की हत्या कर दी।
उन्होंने बताया कि इस मामले में हमारे द्वारा कोर्ट में कहा गया कि यह एक संगीन अपराध और जिसकी हत्या हुई थी वह दो बच्चों की मां थी। इस मामले में कोर्ट ने IPC 302 में उम्र कैद ,120B में उम्र कैद और 364 सेक्शन के अंतर्गत 7 साल की सजा सुनाई है। इस मामले में तीन आरोपी थे मनमोहन, मोनिका और संदीप गिल।
तीनों को सजा सुनाई गई है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान जिस महिला की हत्या की गई थी उसका कुछ भी पता नही चल पाया था। वहीं सबूतों के आधार पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। आरोपी मनमोहन के अवैध संबंध थे।
उसने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने और रोड़ा बन रही बीवी को रास्ते से हटाने के लिए घटना को अंजाम दिया।