जालंधरः आज से 2 दिन बाद देशभर में दशहरे का त्यौहार धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन बुराई पर अच्छाई की जीत होती है। वहीं बात करें जालंधर की तो यहां दशहरे की तैयारियां करीब डेढ़ महीने पहले से शुरू हो जाती हैं।
कारीगर 5 से लेकर 50 फीट तक के रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले बनाते हैं। बातचीत के दौरान पुतले बनाने वाले कारीगर ने बताया कि उनके पिता पहले रावण बनाते थे, तब वह भी उन्हें देखकर रावण बनाना सीख गए। अब वह अपने भाइयों के साथ जुड़कर करीब डेढ़ महीने पहले ही पुतले बनाने का काम शुरू कर देते हैं। एक पुतले की लागत 15 से 16 हजार पढ़ जाती है और वे बाजार में 20 से 22 हजार में पुतले बेचते हैं।
उन्होंने बताया कि एक पुतला बनाने में करीब दो दिन का समय लगता है। एक कारीगर की दैनिक मजदूरी लगभग 700 से 800 है। हमारे द्वारा बनाए गए रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले जालंधर के साथ-साथ पंजाब और पंजाब के बाहर से भी लोग लेकर जाते हैं। उन्होंने बताया कि जो बड़े आयोजन होते हैं, वे अनुमति लेकर ही दशहरा मैदान में दशहरा मनाते हैं। वहीं लोगों में इस बार त्योहार को लेकर उत्साह है और कई लोग रावण का पुतला खरीदने आ रहे हैं।