नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर 50% का टैरिफ लगाया था। अब हाल ही में उन्होंने दवाईयों के आयात पर भी 100% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के इन फैसलों के कारण भारत की आर्थिक ग्रोथ पर नेगेटिव असर हो सकता है। क्रिसिल इंटेलिजेंस की सितंबर की रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है कि अमेरिका के हाई टैरिफ से देश की आर्थिक वृद्धि को बड़ा खतरा हो सकता है।
क्रिसिल ने बताया कि इससे भारतीय वस्तुओं के निर्यात और निवेश पर भी नेगेटिव असर होगा हालांकि महंगाई में आई नरमी ब्याज दरों में की गई कटौती से घरेलू सामान की खपत बढ़ी है। इससे आर्थिक वृद्धि को समर्थन मिलने की भी पूरी उम्मीद जताई जा रही है। वित्तीय वर्ष 25-26 की पहली तिमाही में जीडीपी पिछले साल की तुलना में आगे रही है। पिछले साल इस अवधि में जहां जीडीपी 7.4 प्रतिशत थी वहीं इस साल यह 7.8 प्रतिशत रही है। नॉमिनल जीडीपी में बढ़ोतरी कम होकर 8.8 प्रतिशत रह गई है। यह पिछले साल इस अवधि में 10.8 प्रतिशत थी।
महंगाई पर भी पड़ सकता है असर
क्रिसिल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में सीपीआई के आधार पर महंगाई 4.6 प्रतिशत से कम होकर 3.5 प्रतिशत हो सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक स्तर पर गैर-खाद्य मुद्रास्फीति पर भी अंकुश लगाने की उम्मीद जताई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कृषि क्षेत्र में ग्रोथ अच्छी रही है इससे खाद्य महंगाई नियंत्रित हो सकती है हालांकि कुछ क्षेत्रों में भारी बरसात के चलते फसलों को काफी नुकसान हुआ है परंतु नुकसान कितना पड़ा है इसका आकलन अभी तक नहीं किया गया है। इसके साथ ही जून में आरबीआई की ओर से रेपो दरों में 100 आधार अंक की कटौती की है। अब इन कटौतियों का बाजार पर कैसे असर पड़ेगा इस पर कुछ नहीं कह सकते।
अमेरिका से चल रही है ट्रेड वार्ता
इन सब के बीच में भारत और अमेरिका के बीच में ट्रेड को लेकर भी बातचीत शुरु हो चुकी है। इस महीने अमेरिका के पदाधिकारी भारत दौरे पर भी आए थे। इसके बाद भारत ने अपनी टीम अमेरिका में भेज दी है। टीम का नेतृत्व कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल कर रहे हैं। अभी तक बातचीत अच्छी रही है यदि दोनों देशों के बीच बात जल्दी बन जाएगी तो इसका भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पॉजिटिव असर ही होगा।
