लुधियानाः कपूरथला के फगवाड़ा में पुलिस ने ताज विल्ला होटल में 19 सितंबर को रेड की थी। जहां पुलिस ने एक कॉल सेंटर को लेकर पर्दाफाश किया था। इस मामले को लेकर आज पुलिस इनवेस्टिगेशन करने लुधियाना पहुंची। जहां लुधियाना पुलिस की मदद से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पवन कुमार निवासी बीकानेर के रूप में हुई है, जोकि लुधियाना में किराये के मकान में रह रहा था। आज पुलिस ने गिरफ्तार करके थाना 3 की पुलिस ने 2 करोड़ 3 लाख रुपए रिकवर किए गए। अब तक इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 39 हो गई है। जबकि कुल धनराशि की बरामदगी 2.13 करोड़ हो गई हैं।
बता दें कि फगवाड़ा के पलाही रोड पर स्थित ताज विला होटल में पार्टी हॉल से चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर कुछ दिन पहले पुलिस ने रेड करके 38 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें 32 पुरुष और 6 महिलाएं शामिल थी। आरोपियों का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था, जिनमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, झारखंड, नागालैंड, जम्मू-कश्मीर, मेघालय, पश्चिम बंगाल और पंजाब शामिल हैं। यह गैंग बैंक या टेक कंपनी का कर्मचारी बनकर लोगों को फोन करता था। फिर स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए मोबाइल या कंप्यूटर हैक कर लेता था।
इसके बाद लोगों की बैंक डिटेल्स और पासवर्ड लेकर लाखों रुपए की ऑनलाइन ठगी करता था। पुलिस ने मौके से 40 लैपटॉप, 67 मोबाइल फोन और 10 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। सभी आरोपियों पर केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। साइबर क्राइम थाना कपूरथला की इंस्पेक्टर अमनदीप कौर को देर रात गुप्त सूचना मिली कि चहल नगर, फगवाड़ा स्थित ताज विलास एंड होटल की पहली मंजिल पर बने पार्टी हॉल में फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। सूचना में यह भी बताया गया कि यहां बड़े पैमाने पर साइबर फ्रॉड की वारदातें हो रही हैं और कई युवक-युवतियां इसमें शामिल हैं। पुलिस टीम देर रात होटल पहुंची और पार्टी हॉल में छापेमारी की।
अंदर करीब 31 कंप्यूटर कैबिन में युवक-युवतियां लैपटॉप पर काम करते हुए मिले। पुलिस को देखते ही वहां अफरातफरी मच गई। तीन लोग- जसप्रीत सिंह, साजन मदान और वरुण उर्फ रोहन मौके पर ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने सभी आरोपियों को तुरंत लैपटॉप से अलग किया और डिवाइस की जांच की। स्क्रीन पर ऑनलाइन ठगी से जुड़े सबूत मिले, जिनमें स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स और बैंक डिटेल्स से जुड़ी जानकारी थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट 2000 की धाराओं 66C और 66D के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 111, 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है।