नई दिल्ली: देश में हर दिन कई लोग ट्रेन में सफर करते हैं। भारतीय रेलवे दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। करीब 13 हजार से ज्यादा ट्रेनें रोज पटरियों पर दौड़ती हैं। ऐसे में टिकट से जुड़ी छोटी सी जानकारी भी यात्रियों के लिए बेहद जरुरी हो सकती है। कई बार ऐसा भी होता है कि टिकट कंफर्म होने के बाद भी परिवार या दोस्तों में से कोई भी यात्रा नहीं कर पाता। ऐसे हालात में मन में यह सवाल आता है कि क्या इसी टिकट से किसी और के नाम पर ट्रांसफर किया जा सकता है। अब रेलवे ने इसको लेकर नया नियम बनाया है।
कंफर्म टिकट कर सकते हैं ट्रांसफर
भारतीय रेलवे नियमों के अनुसार, टिकट सीधे किसी और के नाम पर नहीं हो सकती परंतु कुछ खास सिचुएशन में यात्री अपने नाम की टिकट का ट्रांसफर कर सकते हैं। यह सुविधा आम तौर पर परिवार के सदस्यों के लिए भी दी गई है। यदि कोई यात्री टिकट ट्रांसफर करना चाहते है तो इसके लिए जरुरी है कि वह आवेदन यात्रा से कम से कम 24 घंटे पहले रेलवे काउंटर पर जमा करवाना जरुरी है। आवेदन लिखित तौर पर होना चाहिए और इसके साथ पहचान प्रमाण भी लगाना जरुरी है।
24 घंटे पहले लिखित में देना होगा आवेदन
टिकट सिर्फ परिवार के सदस्यों की ही ट्रांसपर होगी। पति-पत्नी, माता-पिता, भाई-बहन या बच्चे के नाम पर रेलवे का टिकट ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके लिए यात्री को यात्रा में कम से कम 24 घंटे पहले लिखित में आवेदन स्टेशन मास्टर या फिर संबंधित रेलवे अधिकारो को देना होगा।
साथ में लगाने होंगे ये डॉक्यूमेंटस
आवेदन में पहले जिस यात्री के नाम पर टिकट थी वो और जिस पर टिकट ट्रांसफर करनी है उन दोनों का नाम, ट्रेन का नाम और संख्या, यात्रा की तारीख और सीट की डिटेल भी शामिल होनी चाहिए। इसके साथ ही दोनों के वैलिड पहचान पत्र जैसे की आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट की कॉपी लगाना भी जरुरी है।
इस आवेदन पर जिसके नाम टिकट थी उसके भी साइन होने जरुरी है। यदि यह प्रोसेस और साइन लिमिट के अंदर पूरी औपचारिकताओं को पूरा नहीं करते हैं तो फिर रेलवे टिकट ट्रांसफर की परमिशन नहीं मिलेगी। इस बात का ध्यान रखें कि ऑनलाइन टिकट के लिए भी आपको रेलवे के काउंटर पर जाना पड़ेगा।