जालंधर, ENS: देश में केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में जीएसटी में कटौती का ऐलान किया गया था। जो कि पहले नवरात्र यानी सोमवार से पूरे देश में लागू हो गया है। जीएसटी की दरों में हुए बदलाव को लेकर जालंधर में पूर्व भाजपा सांसद श्वेत मलिक पहुंचे। जहां उन्होंने प्रेस वार्ता करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में की गई जीएसटी की कटौती को लेकर प्रंशसा की। उन्होंने कहाकि केंद्र सरकार ने देश के व्यापारियों, उद्योग जगत और आम नागरिकों को राहत देने के लिए GST ( गुड्स एंड सर्विस टैक्स)व्यवस्था को और सरल बनाया है। पीएम मोदी ने देश की जनता को जीएसटी की दरों में कटौती करके दिवाली गिफ्ट दिया है।
उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद ने केंद्र सरकार के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी, जिससे अब देश के हर वर्ग किसान, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, महिलाएं, युवा सभी को लाभ होगा और जीएसटी का बोझ कम होगा, प्रक्रियाएं सरल होंगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ 2 प्रमुख स्लैब 5% और 18% – बचेंगे। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में 30 प्रतिशत टैक्स वसूला जाता था। मलिक ने कहा की मोदी सरकार ने देश की जनता को नवरात्र व दिवाली का उपहार दिया है, जिससे अब ज़रूरी सामान और दवाइयों पर टैक्स घटाकर जनता की जेब पर बोझ कम किया गया है, जबकि विलासिता और हानिकारक वस्तुओं शराब व सिगरेट पर 40% टैक्स लगाकर सामाजिक न्याय का संतुलन कायम रखा गया है।
श्वेत मलिक ने बताया कि प्रमुख बदलाव सरल स्लैब संरचना बताया। उन्होंने कहा कि अब केवल जी एस टी में 5 % और 18% की दरें, रह गई है और 12 % और 28% दर समाप्त कर दी गई है l मलिक ने बताया कि आवश्यक वस्तुएं जिनमें साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, किराने का सामान, कपड़े आदि पर टैक्स की दर केवल अब 5% है l स्वास्थ्य क्षेत्र में स्वास्थ्य व जीवन बीमा अब GST मुक्त हो गए वहीं जीवन रक्षक दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों पर टैक्स घटा दिया गया है l मलिक ने जानकारी दी कि वाहन व उपभोक्ता सामान – छोटी कारें, टीवी, एसी आदि पर अब टैक्स 18 % कर दिया है जो पहले 28% था।श्वेत मलिक ने बताया कि – इस सुधार से लगभग 2 लाख करोड़ उपभोक्ता खर्च बढ़ने की संभावना है और जब लोग अधिक खरीदारी करेंगे तो भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी।
मलिक ने कहा यह सुधार केवल टैक्स का नहीं, बल्कि जनविश्वास और जनता के जीवनस्तर सुधारने का कदम है। एक देश,आसान टैक्स ही मोदी सरकार का नया नारा है। पंजाब के व्यापारी, उद्योग और किसान वर्ग इस सुधार से सबसे बड़े लाभार्थी होंगे। मोदी सरकार का राजनीतिक संदेश है कि विपक्ष अपने राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए आलोचना करता रहे परन्तु हम देश के नागरिकों का जीवन सर्वसुविधा संपन्न करेंगे। मलिक ने कहा पीएम मोदी का विज़न साफ़ है, न्यूनतम टैक्स अधिकतम विकास, यह कदम Ease of Doing Business और Ease of Living दोनों को मजबूती देगा। सेवाओं के लिए भारत में जीएसटी पंजीकरण के लिए दहलीज सीमा, 40 लाख रुपये (विशेष श्रेणी के राज्यों में 20 लाख। भारत ने दोहरे जीएसटी मॉडल को अपनाया है, जिसका अर्थ है कि कराधान का प्रशासन संघ और राज्य सरकारों दोनों द्वारा किया जाता है।
एक ही राज्य के भीतर किए गए लेनदेन पर केंद्र सरकार केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) और राज्य सरकारों द्वारा राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) लगाया जाता है। इसके अलावा, भारत में जीएसटी बिलिंग को बढ़ावा देने के लिए, भारत सरकार ने राज्य सरकारों के सहयोग से “इनवॉइस प्रोत्साहन योजना” (मेरा बिल मेरा अधिकार) शुरू की है। इससे ग्राहकों द्वारा सभी खरीदारी के लिए इनवॉइस और बिल मांगने की संस्कृति को बढ़ावा मिला है। इस योजना का उद्देश्य आम जनता में ‘बिल मांगना’ को अपना अधिकार मानने के प्रति सांस्कृतिक और व्यवहारिक बदलाव लाना है। मलिक ने बताया कि पीएम मोदी ने कहा है कि नए जीएसटी ढांचे से लोगों की जिंदगी आसान होगी और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि नवरात्रि के पहले दिन से 99 फीसदी सामान अब 5 फीसदी के स्लैब में आ जाएंगे और ये सस्ते हो जाएंगे। इससे आपकी बचत बढ़ेगी और अपनी पसंद की चीजों को आसानी से खरीद पाएंगे। मलिक ने कहा कि पीएम मोदी ने देशवासियों को कहा जी एस टी रिफॉर्म, आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी के संकल्प को पूरा करने में सहायक होंगे। उन्होंने राज्य सरकारों से अपील की कि स्वदेशी के अभियान के साथ मैन्युफैक्चरिंग को गति दें। निवेश के लिए माहौल बनाएं। केंद्र और राज्य मिलकर आगे बढ़ेंगे तभी सपना पूरा होगा। मोदी सरकार के प्रयासों से पिछले 11 साल में देश में 25 करोड़ लोगों ने गरीबी को हराया है। गरीबी रेखा से बाहर आए ये लोग न्यू मिडिल क्लास के रूप में अपनी भूमिका अदा कर रहे हैं।
