जालंधर, ENS: महानगर के पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी के बेटे रिची केपी की शनिवार रात सड़क हादसे में मौत हो गई। रिची का अंतिम संस्कार कल सुबह 11 बजे मॉडल टाउन श्मशानघाट में किया जाएगा। केपी के घर आज शिरोमणि अकाली दल के नेता व पूर्व मंत्री दिलजीत चीमा पहुंचे। जहां उन्होंने केपी परिवार के साथ दुख सांझा किया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए दिलजीत चीमा ने कहा कि उनके सीनियर साथी केपी का बेटा रिची सड़क दुर्घटना में दुनियां को अलविदा कह गया। इस दुखद घटना को शब्दों में बयान करना मुश्किल है। कुछ महीने पहले केपी की पत्नी की कैंसर के कारण मौत हो गई। जिसके बाद केपी का बेटा ही उनका सहारा था, लेकिन अब बेटे के निधन से मोहिंदर केपी को बहुत बड़ा झटका लगा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि पवित्र आत्मा को भगवान अपने चरणों में स्थान दें।
दूसरी ओर केंद्र द्वारा ननकाना साहिब यात्रा को लेकर पाकिस्तान जाने पर पाबंदी लगाई जाने पर दिलजीत चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार को इस पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। दरअसल, यह सिखों की मर्यादा से जुड़ा मामला है। उन्होंने माना कि कई बार देशों के साथ तनाव की स्थिति पैदा हो जाती है। हाल ही में कनाडा के साथ भी भारत के रिश्ते खराब हो गए थे, लेकिन दोबारा दोनों देशों में हालात स्थिर हुए। चीमा ने कहा कि पाकिस्तान के साथ जब जंग का माहौल शुरू हुआ तो भारत देश एकजुट खड़ा दिखा। उन्होंने कहाकि अब पाकिस्तान के साथ अगर स्पोर्ट्स एक्टिविटी शुरू हो सकती है, क्रिकेट का मैच शुरू हो सकता है, गुरु नानक देव जी की जयंती पर श्रद्धालुओं को भी पाकिस्तान में दर्शन करने के लिए जाना चाहिए।
यह धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला है। ऐसे में श्रद्धालु ज्यादा गिनती में पाकिस्तान नहीं जाते, लोग अपने रिस्क पर भी ननकाना साहिब जाने को तैयार है। वहीं राहुल गांधी के पंजाब दौरे को लेकर कहा कि अगर कोई पंजाब में आकर बाढ़ पीड़ितों की मदद करने के लिए आना चाहता है तो उसका पंजाब में स्वागत है। वहीं पंजाब और केंद्र में बाढ़ पीड़ितों को मदद करने के लिए विवाद होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने माना केंद्र के कई मंत्री पंजाब दौरे पर बाढ़ पीड़ितों से मिलने के लिए आ रहे है। ऐसे में 1200 करोड़ के मसले को वह सरकार के साथ बैठकर बात कर सकते है और मसले को हल करके लोगों को मिलने वाली सुविधाओं की ओर उन्हें ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को अभी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए मुआवाजा देना चाहिए, इस मसले को वह सरकार के साथ बैठकर हल कर सकती है।
