बोले…राजेंद्र राणा जैसे नेता आपदा में अवसर तलाशते हैं, जबकि सीएम सुक्खू राहत के मोर्चे पर डटे हैं
ऊना/ सुशील पंडित: कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र राणा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के खिलाफ अनाप-शनाप बयानबाज़ी करने वाले नेता शायद भूल गए हैं कि प्रदेश की जनता सब देख रही है कि कौन उनके हित में काम कर रहा है और कौन केवल सस्ती सुर्ख़ियों के लिए बयानबाज़ी कर रहा है।
विवेक शर्मा ने शनिवार को ऊना में पत्रकार वार्ता में कहा कि राजेंद्र राणा अपने समय में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के चेयरमैन रहते सिर्फ़ अधिकारियों के कंधों पर चढ़कर आपदा का मुआयना करने तक ही सीमित रहे। ऐसे नेता जब आज बेबुनियाद आरोप लगाते हैं, तो साफ़ हो जाता है कि उनकी कथनी और करनी में ज़मीन-आसमान का फ़र्क है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू आपदा के हर मोर्चे पर मजबूती से डटे रहे हैं। उनके नेतृत्व में अधिकारी दिन-रात राहत और बहाली कार्यों में जुटे हैं, वहीं हम सभी जनप्रतिनिधि भी अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को हरसंभव सहायता पहुँचाने में सक्रिय हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल में आई आपदा की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये की राहत राशि बेहद कम है। पिछले दो-तीन वर्षों में प्रदेश को आपदाओं से भारी नुकसान हुआ है साल 2023 में ही 10 हज़ार करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया था, जबकि इस बार शुरुआती आकलन 5 हज़ार करोड़ से अधिक का है। ऐसे में केंद्र से मिली मदद न केवल अपर्याप्त है, बल्कि यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह सहायता पैकेज के रूप में मिलेगी या किसी योजना के तहत।
विवेक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने 2023 की भीषण आपदा में अपने स्तर पर प्रदेश में 4500 करोड़ रुपये का पैकेज देकर प्रभावितों का जीवन पटरी पर लाने का काम किया। उन्होंने राहत राशि को सात गुना तक बढ़ाया। आपदा के समय 51 लाख और कोरोना काल में 11 लाख रुपये अपनी जेब से देने वाले मुख्यमंत्री पर सवाल उठाने का मतलब साफ है कि कुछ नेता आपदा में जनता का दर्द देखने के बजाय अवसर तलाशने में लगे हैं। लेकिन बेहतर होता कि वे व्यर्थ की बयानबाजी की जगह जनता को मदद में आगे आते। प्रेसवार्ता में कुटलैहड़ कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष रामआसरा शर्मा और अन्य पार्टी पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
