ऊना/सुशील पंडित: अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय, बंगाणा के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा “राजनीति विज्ञान की पाठशाला” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सिकंदर नेगी ने की। इस सत्र का मुख्य विषय था – “लोकतंत्र की चुनौतियां: नेपाल के विशेष संदर्भ में।” पाठशाला के दौरान छात्रों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। विशेष रूप से द्वितीय वर्ष के छात्र दिव्यांशु शर्मा एवं तन्वी ने नेपाल की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों एवं लोकतांत्रिक संकट पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के समापन पर विभागाध्यक्ष प्रो. सिकंदर नेगी ने कहा कि नेपाल में हालिया विरोध प्रदर्शनों की जड़ें सोशल मीडिया प्रतिबंध और राजनीतिक अस्थिरता से जुड़ी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हिंसा समाधान का मार्ग नहीं है, बल्कि संवैधानिक एवं शांतिपूर्ण तरीकों से अपनी बात रखी जानी चाहिए।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि नेपाल के युवाओं की शिकायतों और आकांक्षाओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए तथा उनके समाधान हेतु ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही, नेपाल के संविधान में निहित लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा करना आवश्यक है, जो लंबे संघर्ष और जन-आंदोलनों से अर्जित किए गए हैं।प्रो. नेगी ने कहा कि इन आंदोलनों का परिणाम लोकतांत्रिक नवीनीकरण की दिशा में होना चाहिए, ताकि समाज में शांति, स्थिरता और लोकतांत्रिक चेतना को और सुदृढ़ किया जा सके।
