जालंधर, ENS: महानगर में लुटेरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि बेखौफ लुटेरे लोगों की जान के दुश्मन बन गए। वहीं ताजा मामला रेलवे लाइनों के पास से सामने आया है। डीएवी कॉलेज के पास स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी के कारीगर पर लुटेरों ने लूट की नीयत से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में दरभंगा, बिहार निवासी शंभू पासवान बुरी तरह जख्मी हो गया। उसे गंभीर हालत में सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। शंभू को सिर और हाथ पर करीब 25 टांके लगे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कान कटने के साथ-साथ उसके पीछे वाली हड्डी भी दिखने लगी थी। फिलहाल टांके लगा दिए हैं। वीरवार को एमआरआई करवाई जाएगी।
उधर, देर रात तक परिवार पुलिस के पास जाने से कतराता रहा। शंभू की पत्नी रिकू देवी ने बताया कि वे करीब डेढ़ महीना पहले ही जालंधर में आए हैं। गांव में लोन लिया था, जिसकी किस्त चुकानी थी तो पति काम से जल्दी निकल आए थे। आमतौर पर शाम 7 बजे काम से निकलते हैं, लेकिन बुधवार को छह बजे ही निकल पड़े थे। रोते हुए रिंकू बोली, चार बेटियां और एक बेटा है। भगत सिंह कॉलोनी में किराये पर रहते हैं। दूसरी तरफ शंभू की मालकिन बुटीक संचालिका कविता अरोड़ा ने कहा कि शंभू करीब एक माह से उनके पास काम कर रहा है।
बहुत मेहनती है। बुधवार को कुछ जरूरी काम होने की बात कहकर जल्दी चला गया था। रात करीब 10 बजे तक परिजन पुलिस के पास जाने से भी कतरा रहे थे। सिविल अस्पताल में पहुंची शंभू की बहन सरस्वती ने बताया कि उसके पीछे से बाइक पर करीब 14-15 साल के दो युवक आए। जिसमें एक पगड़ीधारी था। आते ही लड़ने को उतारू थे और बोले- तूने हमें क्या बोला है। मैं कुछ समझ नहीं पाया तो बोले, चल जो कुछ है निकाल।
मना किया तो एक युवक ने तलवार निकाल ली और सिर पर वार कर दिया। तलवार से कान बुरी तरह कट गया। तभी उसने फिर से गर्दन पर वार किया तो मैंने हाथ से बचाने की कोशिश की। इससे हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया। जेब में सिर्फ 200 रुपए थे। यह किसी के लिए छोटी रकम हो सकती है, लेकिन मेरे लिए बहुत बड़ी है। पांच बच्चे हैं। पैसे लुटेरों को दे देता तो रात को गुजारा कैसे होता। आखिर वे पीटते रहे, लेकिन मैंने मोबाइल और पैसे नहीं दिए। फिर वे बाइक स्टार्ट करके चले गए।