जालंधर, ENS: रूस और यूक्रेन के बीच जंग को चलते हुए आज 3 साल से भी ज्यादा का समय हो गया है। इस जंग में कई भारतीय यूक्रेन की आर्मी में फंसे हुए है। दरअसल, कुछ लोगों को विजिटर वीजा देने के बहाने उन्हें आर्मी में भर्ती करवाया जा रहा है। वहीं अब 14 और भारतीयों को रूस आर्मी में भर्ती किया गया है। इन भारतीयों में से एक जालंधर का युवक भी शामिल है। जालंधर के युवक की पहचान गुरसेवक सिंह के रूप में हुई है। जिसमें से 8 भारतीय को जंग में लड़ने के लिए फ्रंट लाइन पर भेज दिया गया है। जबकि 6 युवकों को जल्द फ्रंट लाइन में भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। मामले की जानकारी देते हुए आज न्यूज चैनल को रूस से गुरसेवक सिंह ने वीडियो कॉल करके वहां के हालातों के बारे में बताया।
इस दौरान गुरसेवक सिंह ने कहा कि जंग में लड़ने के लिए फ्रंट लाइन पर 14 युवकों में से 8 युवक जा चुके है। वहीं अब उसके सहित 6 युवकों को जल्द लड़ने के लिए फ्रंट लाइन भेजा जाएंगा। इस दौरान गुरसेवक ने आर्मी में धोखे से भर्ती किए जाने को लेकर खुलासा किया है। गुरसेवक ने बताया कि स्टूडेंट वीजा पर एजेंट ने उन्हें रशिया भेजा, लेकिन बिना ट्रेनिंग के आर्मी में धोखे से उन्हें रूस आर्मी में भर्ती करवाया गया। इस दौरान युवक ने खुलासा किया है कि उनके 28 जुलाई को 14 स्टूडेंट के दिल्ली से रूस के लिए स्टूडेंट वीजा लगाए गए थे। 29 जुलाई को सभी वहां पहुंचे और युवक ने बताया कि 3 अगस्त को रशियन अनास्तिया आर्मी महिला के साथ तालमेल हुआ। कंस्टक्शन का काम देने के बहाने आर्मी में उसने सभी को भर्ती करवाया।
जिसके बाद उनका काट्रैक्ट हथियार के बल पर करवाया गया। वीडियो जारी कर भाजपा की केंद्र सरकार से अपील करते नौजवानों ने कहा कि उनको यहां से निकलवाया जाए और वापस अपने घरों तक तक पहुंचाया जाए। वहीं जालंधर के गुरसेवक सिंह ने कहा कि स्टूडेंट विजा पर वह रशिया आए थे लेकिन उन्हें जबरदस्ती बिना ट्रेनिंग के रशिया आर्मी में भर्ती किया गया है और अब उन्हें फ्रंटलाइन बॉर्डर पर जंग लड़ने भेजा जा रहा है। फोन पर जानकारी देते हुए रशिया आर्मी में फंसे मनदीप कुमार के भाई जगदीप कुमार ने बताया कि इस बाबत एंबेसी को बता दिया गया है लेकिन एंबेसी द्वारा इन नौजवानों के लिए कुछ नहीं किया जा रहा।
गुरसेवक ने बताया की हालत काफी खराब है और वह स्टूडेंट विजा पर रसिया आए थे लेकिन बिना आर्मी ट्रेनिंग के उन्हें रशिया आर्मी में भर्ती किया गया है और जिस महिला द्वारा उन्हें भर्ती किया गया है उसकी उन्होंने फोटो भी शेयर की है। वीडियो जारी कर इन नौजवानों ने बताया कि रूस वह स्टूडेंट विजा पर आए थे और इन्हें धोखे से रशिया आर्मी में भर्ती करवाया गया है और इन्हें कोई ट्रेनिंग भी नहीं दी गई है और इन्हें फ्रंटलाइन बॉर्डर पर लड़ने के लिए भेजा जा रहा है। इन्होंने भाजपा की केंद्र सरकार और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के सीएम नायाब सैनी से अपील की है कि इन्हें जल्द यहां से निकलवाया जाए और भारत वापस बुलाया जाए।
जगदीप कुमार ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया यह लोग 28 जुलाई को रशिया स्टूडेंट विजा पर गए थे और 3 से 4 तारीख को इन्हें रूसी आर्मी में भर्ती करवाया गया है। जगदीप कुमार का कहना है कि इस बाबत विदेश मंत्रालय और एंबेसी को सूचित किया जा चुका है, लेकिन अभी उनकी तरफ से इन नौजवानों को वापस बुलाने के लिए कुछ भी किया नहीं जा रहा है। यह नौजवान जो रूस आर्मी में भर्ती हुए हैं उनके सभी के पासपोर्ट की कॉपी वीडियो वीजा कॉपी और लोकेशन इन्होंने शेयर की है। बताया है कि कैसे वहां पर उन्हें आर्मी में भर्ती करने के लिए फंसाया गया है। इन लोगों को दिए गए बैच नंबर तक भी सामने आए हैं, जिनकी फोटो नौजवानों द्वारा शेयर की गई है।