शिमलाः हिमाचल प्रदेश में देर रात मंडी, ऊना, कुल्लू सहित अन्य जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। वहीं, मनाली, सिरमौर और कुल्लू जिले के निरमंड, आनी में स्कूल और अन्य सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं। वहीं, कुल्लू के आसपास करीब 9 स्कूलों में भी 29 अगस्त को छुट्टी घोषित की गई है। आनी में लैंडस्लाइड में एक घर दब गया है और दो महिलाएं लापता हैं, एक को बचाया गया है। चंबा में ज्यादा परेशानी है औऱ यहां पर मणिमहेश यात्रा पर गए 3 हजार से अधिक श्रद्धालु फंसे हुए हैं। चंबा से भरमौर तक का हाईवे बीच बीच में टूट गया है और यहां पर आवाजाही थम गई है। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि चार हेलिकॉप्टर चंबा में तैनात किए गए हैं और मौसम पर उड़ान निर्भर करेगी।
जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे, पंडोह से आगे कैंची मोड़ और बनाला में बंद है। बीती रात को बनाला में फिर से लैंडस्लाइड हुआ है। कुल्लू के लिए मंडी से कटौला होते हुए आवाजाही हो रही है, लेकिन केवल छोटी गाड़ियों को एकतरफा भेजा जा रहा है। शुक्रवार को किन्नौर जिले के लिप्पा गांव के पेजर खड्ड में आज सुबह बादल फट गया। अचानक आई बाढ़ से स्थानीय लोगों के सेब के बागों को नुकसान पहुंचा है। इस दौरान नाले में आए तेज बहाव में जम्मू-कश्मीर के दो मजदूर हादसे का शिकार हो गए। हालांकि दोनों मजदूर किसी तरह स्वयं घटनास्थल से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों को जैसे ही इसकी जानकारी मिली।
उन्होंने तुरंत दोनों को रेस्क्यू कर प्राथमिक उपचार दिया और बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिकांग पियो के क्षेत्रीय अस्पताल रेफर किया गया। धर्मशाला में कांगड़ा की एडीएम शिल्पी बेक्टा ने बताया कि बीबीएबी से पहले ही सूचना दी गई थी कि पौंग बांध से पानी छोड़ा जाएगा. यह सिलसिला पिछले एक हफ़्ते से लगातार जारी है। एडीएम ने कहा कि हमारा प्राथमिक लक्ष्य सभी लोगों को सुरक्षित निकालकर शेल्टर तक पहुंचाना है। फिलहाल फतेहपुर में एक रेस्क्यू शेल्टर बनाया गया है, जहां 27 परिवारों के 127 लोग रह रहे हैं। वहीं इंदौरा में तीन शेल्टर स्थापित किए गए हैं, जहां करीब 820 लोग ठहरे हुए हैं। एडीएम ने कहा कि ब्यास नदी का जलस्तर घटने के बाद ही नुक़सान का पूरा आकलन किया जा सकेगा।