37 साल बाद देखने को मिला ये मंजर
मोहालीः पंजाब के लिए आज और अगले 3 दिन महत्वपूर्ण हैं। पंजाब के तीन जिलों – पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही कई जिलों में अच्छी बारिश की उम्मीद है। मौसम विभाग ने मोहाली, रूपनगर, शहीद भगत सिंह नगर और हुशियारपुर में बारिश को लेकर रेड अलर्ट भी जारी किया है।
पंजाब के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में 2 अक्टूबर तक ऑरेंज अलर्ट और हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया गया है। अगर जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में फिर से भारी बारिश होती है, तो पंजाब को सीधे तौर पर नुकसान झेलना पड़ सकता है। पंजाब के 7 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। लगभग डेढ़ लाख एकड़ में धान-गन्ना और मक्की की फसल डूब चुकी है। तबाही का ये मंजर 37 साल बाद देखने को मिला है। इससे पहले 1988 में ऐसे हालात बने थे।
रणजीत सागर और पौंग डैम से छोड़े जा रहे पानी के चलते बॉर्डर जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन और फिरोजपुर के 250 गांवों में लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। तरनतारन के अजनाला में बीएसएफ की चौकियां तक पानी में डूबी हैं। यहां 360 जवान फंसे हैं। गांवों में 5 से 10 फीट तक पानी है। बच्चे सहमे हुए हैं।
खेतों में किसानों के मोटरों के बने कमरे डूब चुके हैं। इनकी छत ही नजर आ रही है। पशु 5 फुट तक पानी में खड़े हैं। 50 से ज्यादा बॉर्डर विलेज ऐसे हैं जहां राहत सामग्री अभी तक नहीं पहुंच पाई है। हालांकि, कल यानी वीरवार को प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई। इसके कारण रावी नदी के पानी का स्तर भी थोड़ा कम हो गया है। बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण 7 जिलों में स्थिति गंभीर हो गई है। गुरुवार दोपहर को पौंग बांध के फ्लडगेट खोलने पड़े क्योंकि गुरुवार सुबह पानी का स्तर 1390 फुट के खतरे के निशान से बढ़कर 1396 फुट हो गया था।