ऊना /सुशील पंडित: अटल बिहारी वाजपेई राजकीय महाविद्यालय, बंगाणा के राजनीति विज्ञान विभाग ने आज “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर अपराध : इतिहास, चुनौतियाँ एवं समाधान” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. सिकंदर नेगी ने की, जबकि मंच संचालन तनु ठाकुर ने किया।सेमिनार में वक्ताओं ने विषय के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।

दिव्यांशु शर्मा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती उपयोगिता, उसके अवसरों और संभावित खतरों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एआई भविष्य का आधार बन रहा है, परंतु इसके दुरुपयोग से सावधानी बरतना आवश्यक है। वहीं फाइनल ईयर की छात्रा तान्या शर्मा ने साइबर अपराध पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। उन्होंने साइबर अपराध के इतिहास, वर्तमान चुनौतियों और समाधान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। उनकी प्रस्तुति को श्रोताओं ने विशेष रूप से सराहा।
मुख्य संबोधन में प्रोफेसर . सिकंदर नेगी ने कहा कि इस प्रकार के सेमिनार छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समसामयिक मुद्दों की समझ विकसित करने में मददगार साबित होते हैं तथा वे उन्हें आगामी परीक्षाओं व भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करते हैं।इस अवसर पर राजनीति विज्ञान सोसाइटी की अध्यक्ष अंकिता मनकोटिया, उपाध्यक्ष तनु ठाकुर, कोषाध्यक्ष अभिषेक शर्मा सहित अनेक छात्र-छात्राएँ एवं संकाय सदस्य मौजूद रहे
इस सेमिनार से छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर अपराध जैसे समसामयिक विषयों पर गहन ज्ञान प्राप्त हुआ। विद्यार्थियों को नई तकनीकों और उनसे जुड़ी चुनौतियों को समझने का अवसर मिला।चर्चा और विचार-विमर्श की प्रक्रिया ने छात्रों की विश्लेषणात्मक क्षमता तथा संवाद कौशल में उल्लेखनीय वृद्धि की। यह सेमिनार न केवल शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की शैक्षणिक एवं प्रतिस्पर्धी चुनौतियों के लिए भी तैयार करने में सहायक सिद्ध हुआ।