पठानकोटः पंजाब में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। बारिश के कारण लोगों के घर और फसलें पानी में डूब गई हैं वहीं कई पुल और मकान भी ढह गए हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने विभाग ने 26 और 27 तारीख को फिर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पहाड़ों और जिला पठानकोट में बारिश का तांडव पिछले चार दिनों से जारी है। मंगलवार सुबह छह बजे बॉर्डर क्षेत्र के गांव पम्मा में रावी दरिया का जलस्तर बढ़ जाने से धुस्सी बांध टूट गया है। जिसके चलते करीब 10 गांव डूब गए है। चार हजार के करीब आबादी प्रभावित हुई है।
जिले में चक्की रेलवे पुल चक्की नदी की चपेट में आ गया है और चक्की नदी के कारण पुल का अधिकतर निचला हिस्सा चक्की नदी में बह गया है, जिससे पुल के गिरने का खतरा बना हुआ है। इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन ने इस पुल को बंद करने की अनुमति दे दी है और इस पुल से जालंधर या दिल्ली जाने वाली ट्रेनों का रूट डायवर्ट करके अमृतसर के रास्ते भेजा जा रहा है। इस संबंध में जब अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि चक्की नदी के कारण रेलवे पुल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण ट्रेनों को अमृतसर के रास्ते डायवर्ट किया गया है। बता दें कि विभाग के इस फैसले से एक तरफ कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेल संपर्क पूरी तरह से ठप हो गया है।
विभाग द्वारा आज जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला, तरनतारन, अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और रूपनगर में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही 27 अगस्त को पठानकोट, गुरदासपुर सहित अन्य जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। बारिश के कारण, खासकर सीमावर्ती इलाकों के गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, रेलवे ने पठानकोट के साथ लगते चक्की खड्ड पर बना अंग्रेजों के जमाने के रेलवे पुल डाउन लाइन को अस्थाई तौर पर बंद कर दिया है। उसके साथ वाले रेल पुल की अप लाइन से कुछ ट्रेनें निकाली जा रही है।
रेल अधिकारियों का कहना है कि रेलवे ने लोगों की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है क्योंकि जिस तरह पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश से खड्डे, दरिया, नाले उफान पर है उससे किसी भी तरह का जानी नुकसान भी हो सकता है। अब पठानकोट कैंट रेलवे स्टेशन से वाया अमृतसर-ब्यास से ट्रेनों को दिल्ली-कटड़ा अप-डाउन करवाया जा रहा है। गांव पम्मा में धुस्सी बांध टूटने के बाद लोगों का कहना है कि रणजीत सागर डैम से छोड़ा जा रहा पानी रावी दरिया से होकर उनके घरों और खेतों तक पहुंचा है। लोग घरों का सामान छतों और रिश्तेदारों के पास रख रहे हैं। कई गांव तो खाली हो चुके हैं। लोग अपने रिश्तेदारों के घर पहुंच रहे है।
जिला प्रशासन ने नरोट जैमल सिंह बमियाल के रावी दरिया साथ लगते क्षेत्रों में जहां-जहां भी कलस्टर सेंटर बनाए गए हैं उन अधिकारियों की लिस्ट भी सोशल मीडिया पर अपलोड की है। अगर लोग किसी तरह की परेशानी में है तो उक्त अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। दूसरी तरफ, जिला प्रशासन ने दो शरणार्थी स्थल भी बनाए है जिनमें एक राधा स्वामी सत्संग भवन पठानकोट 1 डल्हौजी बाईपास और राधा स्वामी सत्संग घर पठानकोट 2 निकट गांव गौंसाईपुर है। बाढ़ संभावित पठानकोट कंट्रोल रूम नंबर.01862-346944 है, इस पर भी लोग संपर्क कर सकते है।