होशियारपुरः पौंग डैम में हाल ही में करीब 1.30 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके चलते आज ब्यास नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। इसका असर पठानकोट, गुरदासपुर, कपूरथला, अमृतसर और तरनतारन जैसे जिलों में ज्यादा दिखेगा। फिलहाल कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी और तरनतारन जिले पहले से ही बाढ़ से प्रभावित हैं। तरनतारन के हरिके हैड्स से भी पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे असर फाजिल्का जिले तक पहुंच गया है। अगर ब्यास नदी का जलस्तर और बढ़ा तो अमृतसर के कई गांव भी डूब सकते हैं।

वहीं पौंग बांध से सुबह 15 हजार क्यूसेक और पानी छोड़ने का फैसला किया गया है। इससे पहले 60 हजार क्यूसेक पहले छोड़ा गया है। ऐसे में अब डैम से कुल 75000 क्यूसेक पानी हो जाएगा। कपूरथला और होशियारपुर के ब्यास दरिया से सट्टे गांवों में पहले से जल भराव हुआ। वहीं डैम से और पानी छोड़े जाने से बाढ़ के हालात बन सकते है। आप पार्टी के राज्यसभा सांसदो ने कपूरथला के गांवों का दौरा किया था।
इस दौरान लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों ओर पंजाब के कई जिलों में भारी बरसात के कारण हर तरफ पानी ही पानी हो गया है। पोंग डैम से छोड़े गए पानी के कारण कपूरथला और होशियारपुर में ब्यास दरिया से सट्टे गांवों में जल भराव हो गया है। वहीं हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण पौंग डैम में लगातार पानी का जलस्तर बढ़ रहा है। बात करें तो 24 घंटे में डैम में 3 फीट पानी की बढ़ौती दर्ज की गई। पानी का लेवल 1382 फीट तक पहुंच गया।
जिसके बाद पौंग बांध प्रशासन द्वारा अब 15 हजार ओर पानी छोड़ने का फैसला ले लिया। बता दें कि अभी तक पौंग बांध से ब्यास दरिया में 60 हजार क्यूसेक के लगभग पानी छोड़ा जा रहा था। लेकिन डेम में पानी जाता आता देख 15 हजार ओर निकालने का फैसला किया। गौर हो कि 60 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने पर ब्यास दरिया के निचले हिस्से के कई गांव पहले ही प्रभावित हो चुके हैं। पानी छोड़ने का फैसला गंभीर परिणाम दे सकता है।