श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने की बड़ी घटना सामने आई है। इसमें एक लंगर के बह जाने की बात सामने आई है। बादल फटने से नदियां उफान पर आ गई हैं। पीटीआई ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहा है कि इस घटना में कम से 10 लोगों के मारे जाने की आशंका है। बादल फटने की यह घटना किश्तवाड़ जिले के मचैल मट्टा यात्रा मार्ग पर चिशोती इलाके में हुई। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस बड़ी घटना पर वहां के डीसी से बातचीत की है। डीसी के अनुसार बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।
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Death Toll in Kishtwar Cloudburst Rises to 33, Rescue Operations Underway
स्थानीय सूत्रों के अनुसार प्रभावित क्षेत्र में 200 से 300 लोगों के फंसे होने की आशंका है। इस घटना के बाद मचैल माता मंदिर के भक्तों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम और मौजूदा आपात स्थिति को देखते हुए इस दौरान पड्डर की यात्रा करने से बचें। केंद्रीय मंत्री ने लिखा है कि अभी-अभी जम्मू-कश्मीर के लोक सभा अध्यक्ष और स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा से एक जरूरी संदेश मिलने के बाद किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा से बात की।
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ਜੰਮੂ-ਕਸ਼ਮੀਰ ‘ਚ ਬੱਦਲ ਫਟਣ ਕਾਰਨ ਭਾਰੀ ਤਬਾਹੀ, 10 ਤੋਂ ਵੱਧ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਮੌਤ ਦਾ ਖਦਸ਼ਾ! ਦੇਖੋ
केंद्रीय मंत्री ने बताया है कि चोसिटी क्षेत्र में भीषण बादल फटने से भारी जनहानि हो सकती है। प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है और बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना हो गया है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आवश्यक बचाव एवं चिकित्सा प्रबंधन व्यवस्था की जा रही है। केंद्रीय मंत्री के बाद करने के बाद किश्तवाड़ के डीसी पंकज शर्मा ने बताया है कि किश्तवाड़ के चशोती इलाके में अचानक बाढ़ आ गई है।
यह मचैल माता यात्रा का प्रारंभिक बिंदु है। बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। 2021 में भी किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना हुई थी। जम्मू-कश्मीर के नेता प्रतिपक्ष और पद्दर-नागसेनी के विधायक सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि हमारे पास अभी तक कोई संख्या या डेटा नहीं है, लेकिन वहां भारी नुकसान की आशंका है। फिलहाल हमारे पास कोई संख्या या डेटा नहीं है। यात्रा जारी होने के कारण, इलाका भीड़भाड़ वाला है। मैं उपराज्यपाल से बात करूंगा और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ टीम की मांग करूंगा।