पठानकोटः बीती रात हुई बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी, जिसके चलते भाजपा ने नगर निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस संबंध में जानकारी देते प्रदर्शनकारियों ने बताया कि नगर निगम विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
उन्होंने बताया कि बारिश के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी भर गया। जिससे यह पानी दुकानों के अंदर चला गया, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि निगम ने समय पर पहले कोई प्रबंध नहीं किए। अगर समय से पहले नालों की सफाई की जाती तो आज हालात ऐसे नहीं होते की शहर के हर कोने-कोने में पानी नहीं भरता। उन्होंने नगर निगम के मेयर पर सवाल उठाते कहा कि अगर नगर निगम के मेयर काम नहीं कर रहे हैं, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
भाजपा अधिकारियों का कहना है कि एक साल से ज्यादा का समय हो गया है, निगम में हाउस की मीटिंग तक नहीं हुई। हर वार्ड के लिए 15 लाख रुपए के विकास कार्य होने थे, जो आज तक अधूरे पड़े है। ठेकेदार अपने काम बीच में छोड़कर जा चुके है। दिनों-दिन शहर के हालात बदतर हो रहे है। इसका खामियाजा जनता और व्यापारियों को उठाना पड़ रहा है। देर रात 15 मिनट हुई बारिश से बाजार के दुकानों में पानी घुस गया। जिससे दुकानदारों को लाखों का नुक्सान उठाना पड़ा। हर जगह मच्छरों की भरमार है, नाले ओवरफ्लो है, लेकिन प्रशासन का ध्यान शहर की समस्याओं पर नहीं है। अगर किसी सीवरेज का ढक्कन तक लगाना हो तो निगम दफ्तर में जाकर मिन्नतें करनी पड़ रही है। एक दिन हाउस टैक्स देने में देरी हो जाए तो उन्हें भारी जुर्माना लगाया जा रहा है, लेकिन प्रशासन उनकी सुध लेने के लिए कुछ भी नहीं कर रहा।