नई दिल्ली: ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ कुछ ऐसे शब्द बोले हैं शायद वो सुन ही ना पाएं। लूला दा सिल्वा ने कहा है कि टैरिफ के मुद्दे को सुलझाने के लिए ट्रंप से बात करने में उनको कोई भी दिलचस्पी नहीं है। इसकी जगह वो भारत के पीएम मोदी को जरुर कॉल कर लेंगे। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को कॉल कर लेंगे पर वो ट्रंप को कॉल नहीं करेंगे।
ब्राजील पर लगाया ट्रंप ने 50% टैरिफ
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील पर 50% टैरिफ लगाया है। लूला दा सिल्वा ने ट्रंप के इस कदम को दोनों देशों के रिश्तों का सबसे अफसोस नाक दिन बताया है। इसके अलावा ट्रंप के टैरिफ वॉर को ब्राजील की संप्रभुता और न्यायालय की स्वतंत्रता पर भी हमला बताया है। दरअसल ब्राजील पर ट्रंप के टैरिफ न सिर्फ व्यावसायिक प्रभुत्व की लड़ाई है बल्कि ट्रंप ब्राजील की न्याय व्यवस्था में भी दखल दे रहे हैं।
ट्रंप ने यह भी कहा है कि लूला दा सिल्वा ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के खिलाफ न्यायपालिका के जरिए अभियान छेड़े हुए हैं। 2022 में राष्ट्रपति चुनाव हार जाने के बाद बोलसोनारो पर तख्ता पलट का आरोप भी लगा है और उन पर मुकदमा चल रहा है। ब्राजील पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद ट्रंप ने कहा था कि ब्राजील का नेतृत्व इस मुद्दे पर बात करने के लिए उन्हें कभी भी कॉल कर सकता है। ट्रंप ने कहा था कि वे ब्राजील के लोगों को पसंद करते हैं लेकिन जो लोग ब्राजील को चला रहे हैं वो गलत कर रहे हैं।
‘I’m NOT going to call Trump to negotiate’ – Lula
Brazilian Prez. says Trump has no interest in talking
He also reveals what he’ll be saying to Putin, Xi, and Modi pic.twitter.com/GCUlnsvviA
— RT (@RT_com) August 5, 2025
वामपंथी विचारधारा से प्रभावित ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने ट्रंप के इस ऑफर को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप को कॉल करने की जगह रियो डी जेनरो अपने हितों की रक्षा के लिए विश्व व्यापार संगठन सहित सभी उपलब्ध संसाधनों और प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना। उन्होंने कहा कि 2025 में हम अपने हितों की रक्षा के लिए विश्व व्यापार संगठन से शुरु करते हैं। सभी संभव उपायों का सहारा लेंगे। वास्तव में सरकार संयुक्त राज्य अमेरिका में सरकार बदलने से पहले ही विदेशी व्यापार को मजबूत करने और घरेलू कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा करने के लिए कार्रवाई कर रही थी।
टैरिफ पर बात करने के लिए नहीं करेंगे ट्रंप को कॉल
राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने कहा कि वे टैरिफ पर बात करने के लिए ट्रंप को कॉल नहीं करेंगे क्योंकि वो बात नहीं करना चाहते हैं। राष्ट्रपति ने आगे कहा कि – ‘मैं ट्रंप को कॉल नहीं करुंगा क्योंकि वे बात ही नहीं करना चाहते हैं मैं शी जिनपिंग को कॉल करुंगा मैं पीएम मोदी को कॉल करुंगा मैं पुतिन को इस समय कॉल नहीं करुंगा क्योंकि वे अभी ट्रैवल करने की स्थिति में नहीं हैं लेकिन मैं कई राष्ट्रपतियों को कॉल करुंगा’।
गौरतलब है कि भारत और चीन दोनों ही ब्रिक्स के सदस्य हैं। ट्रंप ब्रिक्स देशों से काफी चिढ़ चुके हैं और उनका आरोप है कि ये देश डॉलर को कमजोर करने के लिए काम कर रहे हैं। लूला दा सिल्वा के मुताबिक, अमेरिका के साथ तनाव बढ़ने के बाद भी वे COP 30 सम्मेलन के लिए ट्रंप को न्यौता देंगे। COP 30 संयुक्त राष्ट्र का जलवायु सम्मेलन है जो इस साल ब्राजील के बेलम शहर में नवंबर में आयोजित होने वाला है।
लूला दा सिल्वा ने कहा कि – ‘मैं ट्रंप को कॉल नहीं करुंगा क्योंकि वह बात नहीं करना चाहते लेकिन आप निश्चित रहें मैं उन्हें COP30 में आमंत्रित करने के लिए फोन करुंगा और जलवायु मुद्दे पर उनकी राय भी जानूंगा मैं उनको फोन करने की कृपा करुंगा’।
अमेरिका और ब्राजील में खराब हुए रिश्ते
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील पर स्वतंत्र चुनावों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने का आरोप लगाते हुए ब्राजील से आने वाले सारे उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाने के लिए कह दिया है। ट्रंप ने अमेरिकी कंपनियों के साथ भेदभाव का भी आरोप लगाया है। उनकी यह प्रतिक्रिया खास तौर पर ब्राजील की सुप्रीम कोर्ट के द्वारा पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो पर मुकदमे और अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनियों पर कड़े नियम थोपने को लेकर आई है।
लूला दा सिल्वा ने अमेरिकी राष्ट्रपति के आरोपों को खारिज करते हुए दो टूक कहा है कि ब्राजील संप्रभु देश है और वह भी जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार ही है। लूला ने ट्रंप की नीतियों को ब्लैकमेल बता दिया है और कहा कि यदि अमेरिका ब्राजील पर टैरिफ लगाता है तो ब्राजील भी जवाबी शुल्क लगाने से पीछे नहीं हटेगा।