पठानकोटः लद्दाख के साथ लगते भारत-चाइना बॉर्डर पर बीते दिन हुई लैंड स्लाइडिंग की वजह से पठानकोट के रहने वाले लैफ्टिनैंट कर्नल भानु प्रताप सिंह मनकोटिया वीरगति को प्राप्त हो गए। आज सुबह उनकी पार्थिव देह उनके जद्दी घर अबरोल नगर, पठानकोट पहुंची। इलाके में शोक की लहर है। सभी की आंखें नम थी।
लेफ्टिनेंट कर्नल भानु प्रताप सिंह मनकोटिया को श्रद्धांजलि देने के लिए सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे, जहां शहीद को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस अवसर पर शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद की ओर से श्रद्धांजलि स्वरूप पुष्प अर्पित भी किए गए। शहीद के पिता ने कहा कि मुझे अपने बेटे पर गर्व है जो देश के लिए शहीद हुआ है।
शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुवर रविंदर विक्की ने कहा कि शहीद अपने पीछे अपने बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और डेढ़ साल के बच्चे को छोड़ गए हैं, जिनका पार्थिव शरीर आज पठानकोट पहुंच गया है, जिन्हें सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई है। इस दौरान सभी की आंखे नम और सम्मान की भावना थी।
दरअसल, भारत-चीन बॉर्डर पर लद्दाख सीमा पर बीते दिन लैंडस्लाइड हो गई थी। गलवान के चारबाग इलाके में सेना के वाहन पर एक विशाल चट्टान गिरने से सेना के 2 जवान शहीद हो गए। इनमें पठानकोट के लैफ्टिनैंट कर्नल भानु प्रताप सिंह और गुरदासपुर के नायक दलजीत सिंह शहीद हो गए थे और तीन अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दर्दनाक दुर्घटना में 2 अन्य सैनिक भी घायल हो गए थे।