कैलिफोर्नियाः अमेरिका के कैलिफोर्निया में फ्रेस्नो के पास स्थित लेमूर नेवल एयर स्टेशन के नजदीक एक F-35C फाइटर जेट ट्रेनिंग उड़ान के दौरान क्रैश हो गया। उड़ान के दौरान विमान में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। जिसके चलते पायलट को विमान से अचानक बाहर निकलना पड़ा। पायलट समय रहते इजेक्ट हो गया और पैराशूट की मदद से सुरक्षित जमीन पर उतरा। उसे मामूली चोटें आईं और एहतियातन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नौसेना के बयान के अनुसार, पायलट ने समय रहते अपनी जान बचा ली, फिलहाल वो सुरक्षित है और खतरे से भी बाहर है। यह विमान स्ट्राइक फाइटर स्क्वाड्रन VF-125 ‘रफ रेडर्स’ से जुड़ा था।
इन इकाई वाले विमानों का प्रयोग अधिकतर पायलटों और एयरक्रू को प्रशिक्षण देने के लिए किया जाता है। हादसे के बाद से ही अमेरिकी नौसेना मुस्तैद है। फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हादसा दिन के समय हुआ जिसकी पुष्टि वायरल वीडियो से हुई। देखा गया कि विमान पास के ही एक खेत में गिरते ही आग का गोला बन गया। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ। अमेरिकी नौसेना ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शुरुआती रिपोर्ट में तकनीकी खराबी को इसका कारण माना गया है।
घटना पर अमेरिकी नौसेना का आधिकारिक बयान आ गया है। बयान में कहा गया कि कैलिफोर्निया के सेंट्रल रीजन में स्थित नेवल एयर स्टेशन लेमूर (NAS Lemoore) से उड़ान भरने वाला F-35C फाइटर जेट 31 जुलाई को स्थानीय समयानुसार शाम 4:30 बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह जेट VFA-125 ‘रफ रेडर्स’ स्क्वाड्रन से संबंधित था और एयर स्टेशन से दूर नहीं गिरा। हादसे के तुरंत बाद पायलट ने सफलतापूर्वक इजेक्ट किया और वह सुरक्षित है।
इस हादसे में कोई और व्यक्ति प्रभावित नहीं हुआ है। इस दुर्घटना को अमेरिकी वायु सेना ने गंभीरता से लिया है और विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह हादसा अत्याधुनिक और महंगे F-35 फाइटर जेट की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। हाल के वर्षों में इस विमान से जुड़ी कई बातें सामने आई हैं जिससे इसके रखरखाव और तकनीकी सिस्टम पर फिर चर्चा शुरू हो गई है।