मोहालीः आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार शिरोमणि अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की पेशी के दौरान, ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी को पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर जशनप्रीत ने धक्का दिया और पीटा। इस मामले में अदालत ने पंजाब पुलिस को दोषी इंस्पेक्टर के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। इस मामले की आज पुनः सुनवाई होगी। इसमें पंजाब पुलिस को बताना होगा कि उन्होंने कौन-कौन सी धाराएं लगाईं और साथ ही यह भी बताना होगा कि दोषी इंस्पेक्टर के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
अदालत इस मामले को लेकर बहुत सख्त है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। 6 जुलाई, 2025 को, बिक्रम मजीठिया की पेशी के दौरान, इंस्पेक्टर जशनप्रीत सिंह की मोहाली अदालत परिसर का गेट खोलने को लेकर चौकीदार से बहस हो गई। जब चौकीदार बलजीत ने अदालत का आदेश दिखाने को कहा तो इंस्पेक्टर ने जबरन उसकी चाबियां छीन लीं और उसे धक्का-मुक्की तथा मुक्का मारा।
घटना के तुरंत बाद इस बात की जानकारी अदालत के वरिष्ठ सिविल जज अनीश गोयल को दी गई, जिन्होंने बलजीत सिंह को मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए। बाद में चौकीदार बलजीत सिंह ने पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया, लेकिन पाठक ने अदालत में एक आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई जिसमें इसे राज्य विरोधी अपराध बताया गया।
पुलिस जांच के बावजूद कोई मामला दर्ज नहीं किया गया, जिसके बाद अदालत ने CCTV फुटेज की जांच करने पर पाया कि इंस्पेक्टर के व्यवहार में अपराधी तत्व थे। अदालत ने यह भी कहा कि यह कोई निजी झगड़े का मामला नहीं बल्कि ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारी के खिलाफ हिंसा का मामला है। यह एक गैर-संघीय अपराध है। इसे राज्य विरोधी अपराध माना जाता है। इसलिए पुलिस थाना सोहाना को जशनप्रीत सिंह के खिलाफ धारा 115(2), 132, 221, 304 और भारतीय दंड संहिता की अन्य संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई आज निर्धारित की है।