जालंधर, ENS: मकसूदां मंडी में अवैध तरीके से पर्ची काटने को लेकर मार्किट कमेटी द्वारा विरोध किया जा रहा है। जिसको लेकर कुछ दिन पहले व्यापारियों द्वारा धरना लगाकर ठेकेदार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया गया। वहीं मंडी के तक़रीबन सभी छोटे-बड़े कारोबारियों ने ठेकेदारों की धक्केशाही के विरुद्ध एकजुट होकर 24 जुलाई यानी आज से मंडी करने का निर्णय लिया है। इस मामले को लेकर मंडी के प्रधान और आढ़तियों ने सर्किट हाउस में एसडीएम और आप पार्टी के नेताओं के साथ मीटिंग रखी और उन्हें आ रही समस्याओं को लेकर मांग पत्र दिया।
मामले की जानकारी देते हुए मंडी के नेताओं ने कहाकि आज सर्किट हाउस में एसडीएम और आप नेता अमित ढल्ल सहित अन्य नेताओं के साथ मीटिंग रखी हुई थी। जहां एसडीएम ने उन्हें मसले को जल्द हल करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहाकि साढ़े तीन महीने से वह अपनी मांगों के लेकर प्रदर्शन कर रहे है। मंडी के व्यापारियों का कहना है कि अभी तक लिखित में कोई आश्वासन नहीं दिया गया है। मंडी के व्यापारियों की मुख्य मांगे है कि मंडी में गुंडागर्दी ना हो, पर्ची काटने के नाम पर अवैध वसूली ना हो।
उन्होंने कहा कि 4 बजे तक अगर लिखित में एसडीएम द्वारा आश्वासन मिलता तो ठीक है, नहीं तो उनकी मांगो को लेकर मार्किट बंद रहेंगी। उन्होंने कहा कि ठेकेदार द्वारा पर्ची काटने के नाम पर 4 गुणा पैसे वसूले जा रहे है। उनकी मांग है कि ठेको को कैंसिल किया जाए। मंडी के प्रधान मोहिंदरजीत सिंह शंटी बत्तरा व चेयरमैन बताया कि यह बंद की काल अस्थायी है और सरकार व प्रशासन को चेतावनी देने के लिए है।
अगर ठेकेदारों की धक्केशाही को रोकने के लिए सरकार या प्रशासन ने गंभीरता से कदम नहीं उठाए तो मंडी का आंदोलन अनिश्चित समय के लिए बढ़ सकता है और मंडी के बंद होने से आम नागरिक की दैनिक जरूरतों पर जो असर पड़ेगा, उसका जिम्मेवार प्रशासन होगा। वहीं अधिकारी का कहना हैकि मंडी में एंट्री प्वाइंट गेट पर कैमरे लगा दिए गए है। इस दौरान मार्किट कमेटी का एक व्यक्ति वहां पर मौजूद रहेंगा ताकि ओवरचार्जिंग ना की जाए। उन्होेंने कहा कि पहले ही ठेकेदार को 2 बार जुर्माना लगाया जा चुका है। ऐसे में अगर दोबारा शिकायत आती है तो ठेकेदार को नोटिस देकर अगली कार्रवाई करते हुए टेंडर को कैंसिल कर दिया जाएगा।