जगह-जगह लगे गली-सड़ी सब्जियों के डेर, सफाई व्यवस्था का बुरा हाल
जालंधरः शहर की मशहूर मकसूदा मंडी इन दिनों अपनी हालत पर रो रही है। चारों और बदबू और गंदगी की भरमार है। दुकानदार तो दूर मंडी आने वाले भी परेशान हो रहे है। मंडी में इतनी बदबू फैली हुई है कि यहां 5 मिनट तक खड़ा भी नहीं होया जा रहा। राहगीर भी मुंह पर कपड़ा बांध कर गुजर रहे है।
बता दें कि मकसूदा मंडी में 1500 के रेहड़िया और फड़िया लगाई जा रही है। प्रति रेहड़ी रोजाना का 100 रुपए रुपए दे रहे है। वहीं मंडी के लिए अलग से सफाई वाले रखे है जो सप्ताह में एक बार सफाई करने आते है औऱ प्रति दुकान से 30 रुपए लेकर जाते है। इसके बावजूद सफाई व्यवस्था न के बराबर है। मंडी में चारों और गली सड़ियां सब्जियां, फल और कूड़ा कर्कट फैला हुआ है। जिससे लोगों में बीमारी फैलने का डर बना हुआ है।
कुछ दुकानदारों ने बताया कि नंदनपुर शेड के पास इतनी गंदगी फैल चुकी है कि यहां से गुजरना मुश्किल है। 5 मिनट के लिए खड़ा होना बीमारी के न्यौता देने के बराबर है। इस संबंधी कई बार मंडी बोर्ड के चेयरमैन को सूचित किया लेकिन अभी तक कोई सुनावाई नहीं हो रही। दुकानदारों का कहना है कि गंदगी के साथ-साथ फिसलन भी बढ़ चुकी है, आए दिन वाहन चालक गिर कर चोटिल हो रहे है। अब बरसात का सीजन भी शुरू हो चुका है, ऐसे में मच्छर, मक्खियों के मंडराने से बीमारी फैलने का डर सता रहा है।