वन काटुओं ने किए सनसनी खेज खुलासे ,बड़ी मछलियां भी अवैध कटान में सम्मिलित
ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा की पंचायत अम्बेहड़ा धीरज के गांव अम्बेहड़ा क्षेत्र में शनिवार रात वन विभाग की विशेष टीम ने गश्त के दौरान कार्रवाई में अवैध खैर कटान का बड़ा मामला सामने आया है। फॉरेस्ट विभाग ने खैर की लकड़ी के दर्जनों मोच्छौं के साथ तीन वन काटुए (अवैध लकड़ी काटने वाले) गाड़ी सहित रंगे हाथ पकड़े गए। इस कार्रवाई ने न सिर्फ वन माफिया के नेटवर्क को उजागर किया है, बल्कि कई रसूखदार नाम भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। पकड़े गए वन काटुए आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार तीनों वन काटुए कई बार पहले भी इसी तरह की गतिविधियों में लिप्त रहे हैं।
इन पर फॉरेस्ट विभाग ने पहले भी चार बार कार्रवाई की थी, लेकिन हर बार पुलिस जांच में लापरवाही और कथित अनियमितताओं के चलते ये बच निकलते थे। शनिवार को भी तीनों में से एक आरोपी को जोल पुलिस चौकी में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। मगर उसी रात यह फिर से अवैध कटान में लिप्त पाया गया और खैर के दो अन्य लठ्ठों (लकड़ी के टुकड़ों) के साथ पकड़ा गया। यह दर्शाता है कि वन माफिया न तो कानून से डरते हैं और न ही सख्ती से सुधार की उम्मीद रखते हैं।
वहीं फॉरेस्ट विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खैर के पेड़ों की यह अवैध कटाई सरकारी भूमि पर हो रही थी। यह वन कानून का गंभीर उल्लंघन है। खैर का उपयोग मुख्यतः कत्था बनाने में किया जाता है, जिसकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है। इसी लालच में स्थानीय गिरोह बड़े स्तर पर खैर की अवैध कटाई में जुटे हुए हैं। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अवैध धंधे में केवल लकड़ी काटने वाले ही नहीं, बल्कि कई बड़े व्यापारी, बॉयलर मालिक और ट्रांसपोर्टर भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस और फॉरेस्ट विभाग अब इस नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं।
जिला फॉरेस्ट अधिकारी सुशील राणा ने बताया कि विभाग ने पूरी मुस्तैदी से कार्य करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनसे पूछताछ की जा रही है। सुशील राणा ने आगे बताया कि, “यह केवल शुरुआत है। इन तीन वन काटुओं के जरिए हम उन ‘बड़ी मछलियों’ तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं, जो इस पूरे अवैध नेटवर्क के पीछे हैं। विभाग अब बेहद सख्त रुख अपना चुका है और वन संपदा की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।”
पुलिस थाना में भारतीय वन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करवा दी है। इन पर अवैध कटाई, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, और वन संसाधनों की तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
डीएफओ सुशील राणा ने कहा कि अम्बेहड़ा में अवैध खैर कटान करते तीन आरोपियों को मौके पर पकड़ा है। उनके पास साइलेंसर आरा मशीन एक गाड़ी और गाड़ी में खैर के मोच्छे पकड़े हैं। और पुलिस चौकी जोल में उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। सुशील राणा ने कहा कि अम्बेहड़ा जंगल में फॉरेस्ट विभाग ने दोनों तरफ नाका लगाया था। और एक टीम गश्त कर रही थी। उक्त आरोपी भागने की फिराक में थे। लेकिन फॉरेस्ट विभाग के कर्मचारियों की सूझबूझ से तीनों आरोपी गाड़ी और खैर के मोच्छे सहित पकड़े गए हैं।