शिमलाः पंजाब के पड़ोसी राज्य हिमाचल में मरीजों की सर्जरी रोबोट करेंगी। मिली जानकारी के अनुसार शिमला के चमियाणा स्थित अटल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में शीघ्र ही रोबोटिक सर्जरी शुरू होने जा रही है। पहली रोबोटिक मशीन अस्पताल में पहुंच गई है। इसकी कुल लागत 28 करोड़ रुपये है। प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा देने वाला चमियाणा पहला अस्पताल बनेगा। एक माह के अंदर अस्पताल में मशीन स्थापित हो जाएगी। उसके तुरंत बाद रोबोटिक सर्जरी शुरू हो जाएगी।
रोबोटिक सर्जरी शुरू होने के बाद अब मरीजों को बाहरी राज्य का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे पहले मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ या फिर अन्य राज्य का रुख करना पड़ता था और भारी पैसे भी खर्च करने पड़ते थे। इस सुविधा के शुरू होने से मरीजों के पैसों की भी बचत होगी और गरीब मरीज भी आसानी से अपना उपचार करवा सकेंगे। मशीन को स्थापित करने का काम तुरंत शुरू हो जाएगा। बता दें कि रोबोटिक सर्जरी आमतौर पर उन मरीजों के लिए की जाती है जिन्हें कैंसर, हृदय, यूरोलॉजी, स्त्री रोग, आर्थोपेडिक, या न्यूरोलॉजिकल सर्जरी की आवश्यकता होती है। यह विशेष रूप से उन मामलों में उपयोगी है जहां सर्जरी जटिल क्षेत्रों में स्थित ट्यूमर को हटाने या न्यूनतम आक्रामक दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।
चमियाणा में अभी 7 विभाग चल रहे हैं। सरकार ने आईजीएमसी शिमला में मरीजों की बढ़ती संख्या तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी तथा प्लास्टिक सर्जरी विभागों को आईजीएमसी से चमियाणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। आगामी दो माह में वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) सेवाएं भी इस अस्पताल में स्थानांतरित की जा सकती हैं। चमियाणा में रोजाना की 500 से 600 की ओपीडी है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आईजीएमसी के साथ-साथ यहां पर कार्डियोलॉजी ओपीडी भी चल रही है।
कार्डियोलॉजी के 5 डॉक्टर ओपीडी संभालते हैं। इनमें सीनियर डॉक्टर भी शामिल है। अभी कार्डियोलॉजी के मरीजों को आईजीएमसी में ही एडमिट किया जा रहा है। चमियाणा में सिर्फ मरीजों का ओपीडी में चेकअप होता है। प्रशासन का कहना है कि सोमवार से शुक्रवार तक कार्डियोलॉजी की ओपीडी चलती है। मरीज ओपीडी डे को लेकर परेशान न हों और यहां पर कार्डियोलॉजी के डॉक्टर भी पूरे हैं। चमियाणा अस्पताल के एमएस डॉ. सुधीर शर्मा ने बताया कि अस्पताल में 28 करोड़ की रोबोटिक मशीन पहुंच गई है। इसे स्थापित करने में थोड़ा समय लगेगा। जैसे ही मशीन स्थापित हो जाती है। उसके बाद रोबोटिक सर्जरी शुरू हो जाएगी। मरीजों को इससे काफी फायदा होगा।