जालंधर/अनिल वर्मा: जालन्धर में कूड़े की लिफ्टिंग को लेकर यूनियन तथा नगर निगम प्रशासन के बीच चला विवाद एक बार फिर खड़ा हो गया है आज यूनियनों ने अपनी मांगों को पूरा न होते देख पूरे शहर से कूड़े की लिफ्टिंग का काम पूरी तरह से बंद कर दिया जिसके बाद प्लाजा चौंक, खालसा स्कूल नकोदर रोड, प्रताप बाद सहित तमाम कूड़े के डम्पों पर कूड़ा सड़कों तक बिखर गया। सबसे अधिक खराब हालात प्लाजा चौंक में बने जहां नगर निगम दफ्तर की दूरी महज 100 मीटर है। इसी रोड पर हर रोज कमिशनर गौतम जैन, एडिशनल कमिशनर तथा निगम के तमाम बड़े अधिकारी गुजरते हैं।

बता दें कि बीते मई महीने भी यूनियन ने शहर में कूड़े की लिफ्टिंग बंद कर सरकार के खिलाफ प्रर्दशन कर अपनी मांगे रखी थी जिनमें छुट्टी वाले दिन काम करने पर वेतन सहित अन्य मांगे रखी थी जिन्हे स्वीकार करने के लिए मेयर विनीत धीर ने यूनियन को कुछ समय देने के लिए काम दोबारा शुरु करने के लिए मनाया था मगर समय पर मांगे पूरी न होती देख यूनियन द्वारा आज दोबारा कूड़े की लिफ्टिंग बंद कर दी गई है।
बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा साल 2016 सॉलिड वेस्ट मैनेजमैंट रुलज को जालंधर में लागू किया था मगर इस नियम पर निगम प्रशासन की ओर से सख्ती से काम नहीं किया गया और बड़े बड़े संस्थान हररोड 100 से 300 किलो तक कूड़ा प्रोड्यूस कर रहे हैं जिन्हे बाद में बिना प्रौसेस किए सड़कों पर इधर उधर फैंक दिया जाता है। इसी के साथ रैग पिकर भी लोगों के घरों से जो कूड़ा लिफ्ट करते हैं उन्हे भी नजदीकी डंप साईट पर फैंक दिया जाता है। शहर के अंदर कूड़े के डंप से शहर की बदसूरती तथा निगम की बद इंतजामी साफ झलकती है जिससे शहरवासियों में निगम प्रति गुस्सा तथा शहर में बिमारी फैलने का डर सताता रहता है।
इस मामले में मेयर वनीत धीर ने कहा कि यूनियन के साथ बातचीत चल रही है तथा कल से लिफटिंग का काम चालू हो जाएगा।