अमृतसरः जरनल वर्ग और बीसी वर्ग के लोगों द्वारा नकली एससी (शैड्यूल कास्ट) प्रमाणपत्र बनाकर सरकारी नौकरियां पाने के विरोध में दिए जाने वाले धरने को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। समाज के नेताओं ने बताया कि पुलिस ने उनसे संपर्क कर धरना पोस्टपोन करने की अपील की थी और 2 दिन का समय मांगा गया। दलित नेताओं ने कहा कि पुलिस और प्रशासन ने 6 महीने बीत जाने के बाद भी कोई उपयुक्त कार्रवाई नहीं की।
अब यदि इन दो दिनों के भीतर इन मामलों में कोई परिणाम नहीं निकलता, तो वह अपनी लड़ाई और तेज करेंगे। उन्होंने बताया कि जो लोग नकली प्रमाणपत्र लगाकर कॉर्पोरेशन, एफसीआई (Food Corporation of India) और अन्य सरकारी विभागों में नौकरी कर रहे हैं, उनके खिलाफ पूरी लिस्ट तैयार की जा रही है। हमेशा की तरह अब वह चुप करके बैठ नहीं रहेंगे, अब हर विभाग में अलग-अलग स्तर पर रोष प्रकटाया जाएगा।
दलित नेताओं ने साफ किया कि यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक नहीं, सीधे हक़ों की लड़ाई है। उनका मकसद नफरत फैलाना नहीं, बल्कि अपने अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जिन लोगों ने नकली प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरियां हासिल की हैं, उनकी जांच कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और दलित समाज के खोए गए हक तुरंत वापस दिए जाएं।