Punjab Govt
HomePunjabLudhianaPunjab News: भरत भूषण आशू को समन जारी करने के मामले में...

Punjab News: भरत भूषण आशू को समन जारी करने के मामले में SSP विजिलेंस सस्पेंड

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

लुधियानाः जिले से वेस्ट हलके की सीट पर 19 जून को उप-चुनाव होने जा रहे है। इससे पहले कांग्रेस के उम्मीदवार और पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू को देर रात विजिलेंस ब्यूरों ने तलब किया। हालांकि भरत भूषण आशू ने पूछताछ में आज शामिल होने से मना कर दिया था। आशू ने कहा कि उन्हें देर रात समन जारी हुए है। ऐसे में वह आज विजिलेंस के समक्ष पेश नहीं होंगे। जिसके बाद राजनीतिक गलियारे में हलचल मच गई। जिसके बाद अधिकारियों ने इस मामले में एक्शन लेते हुए एसएसपी जगतप्रीत सिंह को सस्पेंड कर दिया है। दरअसल, विजिलेंस की ओर से डीएसपी विनोद कुमार ने भरत भूषण को समन का नोटिस जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि सुबह 10 बजे भरत भूषण आशू को विजिलेंस दफ्तर में पेश होना है। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद विजिलेंस के एसएसपी को सस्पेंड कर दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, SSP और भारत भूषण आशु के बीच सीधी बातचीत हो रही थी। सूत्रों का कहना है कि जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोप लगाए जा रहे कि क्या आशु ने खुद को ही समन भिजवाया था। कहा जा रहा हैकि आशु ने ही इस अफ़सर को सबसे पहले डीएसपी पद पर नियुक्त करवाया था और दोनों के पुराने संबंध भी सामने आ रहे हैं। सूत्र बताते है कि SSP और आशु के बीच हुई एक गुप्त मुलाक़ात भी हुई थी। ऐसे में कयास लगाए जा रहे है कि चुनाव में सहनभूति लेने के लिए आशु ने ख़ुद को समन भिजवाया था। हालांकि इस मामले को लेकर अभी भरत भूषण आशू की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में इस तथ्यों की एनकाउंटर न्यूज पुष्टि नहीं करता।

बता दें कि लुधियाना इकाई ने सराभा नगर में स्कूल की जमीन के दुरुपयोग से जुड़े 2,400 करोड़ रुपये के घोटाले के सिलसिले में आशू को तलब किया था। बताया जा रहा हैकि यह मामला 8 जनवरी, 2025 का है, जब भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120-बी (आपराधिक साजिश), 467, 468, 471 (जालसाजी) और 409 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत पुलिस स्टेशन डिवीजन नंबर 5 में एफआईआर दर्ज की गई थी।

यह मामला लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (एलआईटी) द्वारा दशकों पहले सराभा नगर में नए सीनियर सेकेंडरी स्कूल को चलाने के लिए आवंटित 4.7 एकड़ जमीन के इर्द-गिर्द घूमता है। यह भूमि केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए रियायती दर पर दी गई थी। हालांकि, जांच में पता चला कि इस भूमि के कुछ हिस्सों का अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग किया जा रहा है।

इस परिसर में कई निजी प्लेवे स्कूल और व्यवसाय संचालित हो रहे हैं, स्कूल प्रबंधन कथित तौर पर भारी किराया वसूल रहा है, जो एक गंभीर उल्लंघन है जिसमें वित्तीय अनियमितताओं में 2,400 करोड़ का अनुमान है। लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (एलआईटी) के अध्यक्ष द्वारा दर्ज की गई शिकायत के बाद पुलिस ने इस साल 8 जनवरी को स्कूल के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज कर ली थी। उनकी शिकायत के बाद, जांच के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं के सामने आने के बाद मामला सतर्कता ब्यूरो को सौंप दिया गया था।

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -
Punjab Govt

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -