बठिंडाः विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा के रिमांड पर चल रही बर्खास्त महिला सिपाही अमनदीप कौर की सेहत खराब होने के कारण विजिलेंस की मांग पर अदालत ने उसका रिमांड समाप्त कर दिया है, जो कल खत्म होना था। उसे पथरी के दर्द के इलाज के लिए पहले स्थानीय सिविल अस्पताल और फिर ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स बठिंडा) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक इलाज के बाद वापस भेज दिया।
विजिलेंस अब उसे अदालत के आदेशानुसार केंद्रीय जेल बठिंडा की न्यायिक हिरासत में भेज रहा है। विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा के डी.एस.पी. कुलवंत सिंह ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। विजिलेंस ने उसके खिलाफ स्रोतों से अधिक संपत्ति बनाने का मामला दर्ज किया है और वह पूछताछ के लिए विजिलेंस के पास 3 दिनों के रिमांड पर है। बता दें कि आय से ज्यादा संपत्ति बनाने के आरोप में विजिलेंस ब्यूरो की तरफ से गिरफ्तार की गई महिला कांस्टेबल को बीते दिन जिला अदालत में पेश किया गया था।
जहां पर विजिलेंस टीम ने आरोपी अमनदीप कौर से उसकी संपत्ति और इंकम से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए अदालत से 5 दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन अदालत ने 3 दिन का रिमांड दिया था। अब विजिलेंस की तरफ से आगामी 29 मई को दोपहर 3 बजे के बाद अदालत में पेश किया जाएगा और रिमांड के दौरान की गई पूछताछ के आधार पर की कार्रवाई की रिपोर्ट भी दी जाएगी। इसके साथ ही विजिलेंस की मांग पर अदालत ने आरोपी महिला अमनदीप कौर के घर व अन्य संपत्तियों की तलाशी के लिए सर्च वारंट भी जारी किया है।
डीएसपी कुलवंत सिंह का कहना है कि विजिलेंस विभाग को उसके खिलाफ कई संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और बेहिसाब संपत्तियों के इनपुट मिले थे। जिसके बाद विजिलेंस टीम ने अमनदीप कौर के साल 2018 से लेकर 31 मार्च 2025 तक वित्तीय जांच की गई। जिसमें उसने अपनी आय से 28 फीसदी ज्यादा पैसे खर्च किए है। रिकार्ड के अनुसार अमनदीप काैर ने पिछले आठ सालों में उसकी आमदनी 1.8 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन जब विजिलेंस ने हिसाब लगाना शुरू किया, तो उसका खर्च 1.39 करोड़ रुपये सामने आया। उसने अपनी आय से 31 लाख रुपये ज्यादा खर्च किए है।