जालंधर, ENS: भारत-पाकिस्तान युद्ध को लेकर रद्द की गई लोक अदालत को फिर से शुरू कर दिया गया है। अगली लोक अदालत 24 मई को होगी, जोकि पहले 10 मई को जारी एक आदेश के बाद रद्द कर दिया गया था। वहीं मामले की जानकारी देते हुए माननीय सेशन जज निरभओ सिंह गिल का बयान सामने आया है। जहां उन्होंने कहा कि लोक अदालत में आपसी सहमति से लोगों के झगड़े निपटाए जाते है। जिसमें लोगों का समय और पैसों का बचाव तो होता ही है। वहीं दोनों पक्षों की सहमति से जल्द केसों का निपटारा भी हो जाता है।
लोक अदालत में हुए फैसले के बाद इस केस को लेकर कोई दलील अपील बाद में किसी कोर्ट में नहीं होती है। क्योंकि दोनों पक्षों की सहमति से आदेश जारी किए जाते है। इस बार 24 मई को लगने वाली लोक अदालत में पेंडिंग केसो को लेकर कहा कि 55 हजार केस उनके पास आए है। जिसमें सिविल, क्रिमिनल, ट्रैफिक, परिवारिक, चैक बाउंस, बिजली पानी के बिल सहित अन्य केस शामिल है। जिसमें इन सभी केसों का निपटारा किया जाएगा। जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी की ओर से 24 मई को 22 जालंधर सिटी, 2 नकोदर और 2 फिल्लौर की न्यायिक अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई जा रही है।
लोक अदालत में लंबित सिविल और फौजदारी मामलों सहित अन्य संस्थाओं जैसे बैंक, बिजली विभाग, वित्तीय संस्थाओं के प्री-लिटिगेशन मामलों की सुनवाई कर समझौते के माध्यम से फैसला करवाया जाएगा। सीजेएम ने कहा कि, बैंक अधिकारियों और बीमा कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठकें की है और उन्हें विभिन्न अदालतों में लंबित मामलों और ऐसे प्री-लिटिगेशन मामलों को आपसी समझौते के जरिए निपटाने के लिए भेजने के लिए प्रेरित जाएगा। जिससे जल्द से जल्द और ज्यादा से ज्यादा केसों का निपटारा किया जा सके।