जालंधर, ENS: देशभगत यादगार में किसानों ने मीटिंग की। जहां किसानों ने अपनी मांगों को धरने से सामान चोरी होने के साथ कई अन्य मुद्दों को लेकर बातचीत की। दरअसल, आज एसकेएम ने अन्य यूनियन नेताओं के साथ मीटिंग की। इस दौरान किसानों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके द्वारा 28 मार्च को देश भर में जिले लेवल पर रोष प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान मीटिंग के बाद किसानों को डिटेन करने की निंदा की है। किसान नेताओं का कहना है कि चल रहे मोर्चे को पुलिस द्वारा गिरफ्तार करना और बड़ी गिनती में सामान को हटाया गया, जिसको लेकर यह प्रदर्शन किया जाएगा।
जिसके बाद 4 तारीख को ट्रांसपोर्ट यूनियन सहित अन्य यूनियन के साथ देशभगत यादगार हाल में मीटिंग की जाएगी, जिसमें अगली रणनीति पर फैसला लिया जाएगा। जिसके बाद सुयंक्त किसान मोर्चा 20 मई को बरनाला में किसान बड़ा इकट्ठ करेंगे। 25 तारीख को मोगे की तरह जालंधर में इकट्ठ किया जाएगा। जिसके बाद 30 तारीख को अमृतसर में किसान इकट्ठे होंगे। उगराहां यूनियन के किसान नेता ने कहाकि कई सरकारों के साथ नेताओं की मीटिंग हुई है, लेकिन जो इस बार उनके साथ हुआ है वह निंदनीय है। किसान नेताओं को रिहा करने के लिए किसानों ने अपील की है। केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि वह काफी समय से दिल्ली की ओर कूच करने की अपील कर रहे थे, लेकिन हरियाणा सरकार द्वारा बॉर्डर पर कीले लगाई गई और बैरिकेडिंग की गई।
जिसके चलते उन्हें दिल्ली कूच नहीं करने दिया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र धक्केशाही कर रही है। वहीं पंजाब के साथ मांगों को लेकर कहा कि उनकी पंजाब सरकार के पास 18 मांगे है। किसानों ने अपील कि है कि सीएम भगवंत मान सरकार के साथ उनके किसान नेताओं की मीटिंग की जाए। इसी के साथ किसानों को रिहा करने की अपील के साथ किसानों का सामान वापिस दिलाने का आग्रह किया है। एसकेएम ने ऐलान किया है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर मीटिंग नहीं होती तब तक किसानों द्वारा संघर्ष को ओर तीखा किया जाएगा। इसी को लेकर आज किसान नेताओं ने 28 मार्च को धरना लगाने को लेकर मीटिंग की गई। पिछले संघर्ष में केंद्र सरकार को 3 काले कानून वापिस लेने पड़े थे। ऐसे में अब वह सरकार