लुधियाना : समराला से सटे एक गांव में एक ऐसा मामला सामने आया जहां एक दंपत्ति दिन-रात नशे में धुत रहता है। जिसके चलते चार साल की बच्ची घर में रो रही थी। पीड़ितों की पहचान रविदंर सिंह और पत्नी प्रीति के तौर पर हुई है। पंजाब सरकार द्वारा राज्य में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अब लोगों ने पुलिस को लड़की के भविष्य के बारे में जानकारी दी है। पुलिस ने लड़की को उसके परिजनों को सौंप दिया तथा दम्पति को नशा मुक्ति केन्द्र में भर्ती करवा दिया। जब दम्पति स्वस्थ होकर घर लौटेंगे तो बच्ची उन्हें सौंप दी जाएगी।
सूचना के आधार पर जब समराला पुलिस टीम दंपत्ति के घर पहुंची और स्थिति देखी तो पुलिस कर्मी भी यह देखकर हैरान रह गए कि दंपत्ति नशे में थे और घर पर उनकी बेटी की देखभाल करने वाला कोई नहीं था। एसएचओ पवित्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस दंपत्ति को अस्पताल लेकर आई, जहां उनका डोप टेस्ट किया गया। ताकि पता चल सके कि वे दोनों नशे के आदी थे या नहीं।
एसएचओ ने बताया कि दंपत्ति कुछ दिन पहले ही मोहाली के महरोली गांव से यहां उटाला गांव में किराए पर रहने आए थे। पहले दम्पति की आर्थिक स्थिति अच्छी थी और मोहाली में प्रॉपर्टी डीलर के रूप में उनकी अच्छी नौकरी थी। उसके बाद पति ने मोटर मैकेनिक का काम करना शुरू कर दिया। एसएचओ पवित्र सिंह के अनुसार पुलिस ने पीड़ितों के इलाज की जिम्मेदारी भी संभाल ली है।