डॉक्टर बिना लाइसेंस के चला रहा केमिस्ट शॉप, गाड़ी बरामद
अगले महीने होनी थी एक लड़की की शादी
जालंधर, ENS: थाना फिल्लौर की पुलिस ने नशीली गोलियों की सप्लाई करने आए 3 महिलाओं सहित 4 नशा तस्करों को गिरफ्तार लिया। जिसमें पुलिस ने एक बिना लाइसेंस के कैमिस्ट शॉप चला रहे आरएमपी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान धर्मेंद्र सिंह निवासी बिलगा, ज्योति निवासी गन्ना पिंड, प्रीति निवासी होशियारपुर और मोनिका निवासी फिल्लौर के रूप में हुई है। नशा तस्करों के कब्जे से भारी मात्रा में नशीली गोलियां और वरना गाड़ी बरामद की गई है। डीएसपी सरवन सिंह बल ने बताया कि डाक्टरी पेशे में आरएमपी डॉक्टर है, लेकिन उसके पास लाइसेंस नहीं है। वह पिछले लंबे समय से नशा तस्करी का कारोबार चला रहा था। आरोपी पुलिस और लोगों को गुमराह करने के लिए दवाइयों की दुकान की आड़ में क्लीनिक में नशीली गोलियां बेच रहा था।
डीएसपी फिल्लौर सरवन सिंह बल ने बताया कि एसएसपी हरकमलप्रीत सिंह के दिशा निर्देशों पर नशा तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत इंस्पेक्टर संजीव कपूर और उनकी पुलिस पार्टी ने ऐसे एक बड़े ड्रग रैकेट का नेक्सेस तोड़ा है। जिसमें गिरोह का आरोपी धरमिंदर सिंह पुत्र बलबीर सिंह वासी गांव मियोंवाल थाना बिलगा नजदीकी गांव में क्लिनिक खोल कर नशीली गोलियों की सप्लाई कर रहा था। जांच के दौरान पता चला कि उसके पास न तो कोई डिग्री थी न ही दवाइयों की दुकान चलाने का कोई लाईसेंस था।
इस काम में उसने अपने साथ 3 सहायक महिलाओं जिनमें एक लड़की अभी कुंवारी है मोनिका पुत्री बलिहार वासी गांव समराड़ी, ज्योती पत्नी बलविंदर वासी गांव गन्ना पिंड, प्रिती पत्नी दविंदर वासी गांव चव्वेवाल थाना होशियारपुर को शामिल किया हुआ था। उसने नशे का हैडक्वार्टर गांव लांदड़ा में अपनी दवाइयों की दुकान में खोला हुआ था और यहां से वह पठानकोट तक नशीली दवाइयों का कारोबार औरतों के माध्यम से ग्राहकों तक सप्लाई पहुंचाते थे। इसकी सहायकों ज्योती व प्रीति पर फिल्लौर के अलावा पंजाब के अन्य थानों में आधा दर्जन से ज्यादा मुकद्दमें दर्ज हैं।
पुलिस ने जब नकली डाक्टर और उसकी 3 महिला सहायक साथियों को गिरफ्तार किया तो उनमें एक लड़की मोनिका पुलिस के आगे हाथ जोड़ कर गिड़गिड़ाने लग पड़ी उसने कहा नशा तस्करी में होने वाले बड़े मुनाफे को देख वह नकली डाक्टर के झांसे में आ कर इस धंधे में लग गई। धरमिंदर ने उसे कहा कि वे कभी भी पकड़े नहीं जा सकते जबकि उसकी साथी दोनों औरतें पहले भी पकड़ी जा चुकी थीं। उसने कहा उसकी हाल ही में सगाई हुई थी और अगले महीने उसकी शादी है।
डीएसपी बल व थाना प्रभारी संजीव कपूर ने बताया कि पकड़ा गया नकली डाक्टर धरमिंदर इतना ज्यादा शातिर नशा तस्कर है यह अपनी महिला सहायक साथियों के साथ लग्जरी कार में सवार होकर दूसरे प्रदेशों में जाता और वहां से नशीली दवाईयों की खेप लेने के बाद उसका नकली बिल बना लेता। रास्ते में चैक पोस्ट पर पुलिस इनकी कार को रोकती तो यह खुद को डाक्टर बताकर बच कर निकल जाता। आरोपी धरमिंदर को लेकर स्वाथ्य विभाग के अधिकारियों को सूचना दे दी गई है जो इन पर अलग से कारवाई करेंगे।