बठिंडाः पंजाब में कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। इसी के चलते पार्टी ने नेताओं के खिलाफ एक्शन लेना शुरू कर दिया। जिसके चलते बीते 5 फरवरी को नगर निगम के मेयर चुनाव में कांग्रेस पार्टी के 19 से अधिक पार्षदों द्वारा आप पार्टी (आप) के मेयर पद के उम्मीदवार पदमजीत मेहता के पक्ष में वोट करने के बाद कांग्रेस पार्टी ने अपने पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई के तहत पार्टी ने कारण बताओ नोटिस का जवाब न देने वाले 6 पार्षदों को 5 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इनमें ज्यादातर महिला पार्षद शामिल हैं। अवतार हैनरी ने बताया कि विगत दिनों बठिंडा के डिप्टी मेयर अशोक कुमार सहित अन्य सीनियर नेताओं ने उन्हें शिकायत की थी कि बठिंडा शहर में मेयर के चुनाव के दौरान कुछ कांग्रेसी पार्षदों ने अपना वोट कांग्रेस की बजाय आप उम्मीदवार को दिया था, जिस वजह से अल्पमत में होने के बावजूद ‘आप’ का मेयर काबिज हो गया। शिकायत का कड़ा संज्ञान लेते हुए बठिंडा के 19 पार्षदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
उन्होंने कहा कि 19 में से 13 पार्षदों ने अपना पक्ष रखते हुए लिखित तौर पर नोटिस का जवाब अनुशासन कमेटी को दे दिया था। परंतु बाकि 6 पार्षदों द्वारा किसी भी तरह का जवाब न मिलने पर उन्हें कांग्रेस के निष्कासित कर दिया गया है। हैनरी ने राज्य भर के कांग्रेस नेताओं को चेताया कि वह पार्टी में अनुशासन तोड़ने वालों की कोई जगह नहीं है। उन्होंने अनुशासन भंग करने वाला चाहे कितना भी बड़ा नेता हो अथवा कार्यकर्ता हो उसे बख्शा नहीं जाएगा। इस कारण हरेक नेता को चाहिए कि वह पब्लिक डोमेन पर कुछ भी गलत बोलने से गुरेज करें और अगर कोई बात रखनी है तो उसे पार्टी प्लेटफार्म पर ही रखे।