House Meeting पर छाए संकट के बादल, मेयर विनीत धीर का आया बयान
जालंधर, ENS: नगर निगम दफ्तर कमिश्नर गौतम जैन और यूनियन आमने-सामने हो गई। इस दौरान यूनियन ने कमिश्नर के साथ ना काम करने की चेतावनी दे दी। वहीं दूसरी ओर जल्द हाउस मीटिंग होने जा रही है, ऐसे में हाउस मीटिंग से पहले नगर निगम कमिश्नर और यूनियन में छिड़े विवाद को लेकर हाउंस मीटिंग पर संकट के बादल छाने शुरू हो गए। इस मामले को लेकर जहां यूनियन ने निगम कमिश्नर के खिलाफ मोर्चा खोला है, वहीं नए मेयर विनीत धीर पर तानाशाही रवैय्या अपनाने के गंभीर आरोप लगाए है।
प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठी यूनियन में तहबाजारी विभाग, प्रॉपटी टैक्स, बी एंड आर, लाइसेंस शाखा सहित अन्य विभाग की यूनियन मौजूद रही। इस मामले को लेकर यूनियन नेता मंदीप सिंह मिट्ठू के नेता ने मेयर विनीत धीर से मुलाकात की और कहा कि वह खुद चाहते है नगर निगम को अधिक से अधिक रैवेन्यू लाकर दिया जाए।
नेता ने प्राइवेट कंपनी का उदाहरण देते हुए कहा कि प्राइवेट कंपनी के टारगेट पूरे नहीं होते ऐसे में वह सरकारी दायरे के 5 गुणा बढ़ाए गए टारगेट को कैसे पूरा करेंगे। वहीं नेता ने कहुा कि उसका एक साल में 6वीं बार तबादला किया गया और बदले की भावना में यह कार्रवाई की हो रही है।
हालांकि मेयर ने मंदीप के डांग कंपाउंड में तबादलें को लेकर माना की गलत है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह खुद चाहते है कि काबिल अधिकारी उन्हें डांग कंपाउंड में ट्रांसफर करने का कोई मतलब नहीं है और जो अधिकारी जिस विभाग में बढ़ियां काम करें उसे उसी काम में लगाया जाए।
मंदीप ने आरोप लगाए कि अगर टारगेट अधिकारी पूरा नहीं करते तो उन्हें शोकॉज नोटिस जारी कर दिया जाता है। इस दौरान अधिकारियों ने कमिश्नर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहाकि उन्हें पता चला हैकि कमिश्नर भी पैसे खाने लग गए है। इस मामले में सुपरिटेंडेंट कहते है वह कमिश्नर को महीना देते है, कदम-कदम पर एक प्रतिशत प्रत्येक अफसर कमिशन ले रहा है। हालांकि मेयर ने कहा कि उन्हें इस मामले में कोई जानकारी नहीं है।
दूसरी ओर धरने को लेकर मेयर विनीत धीर ने कहा कि उन्होेंने यूनियन कर्मियों से बात की है। जिसमें तहबाजारी टीम के कुछ टारगेट मुद्दे थे, जिसे हल करवाने के लिए आश्वासन दे दिया गया है। मेयर ने कहा कि निगम कमिश्नर छुट्टी पर है और जैसे ही वह ड्यूटी ज्वाइन करते है तो उनके साथ बैठकर मुद्दे को हल कर लिया जाएगा। वहीं कर्मियों द्वारा टारगेट बढ़ाए जाने को लेकर मेयर ने कहा कि अगर कर्मियों को लगता है कि उन्हें बैठकर हाउस मीटिंग से पहले सुलझा लिया जाएगा।
प्रॉपर्टी टैक्स के अधिकारी स्वर्ण सिंह का कहना है कि उन्होंने साढ़े 7 करोड़ रुपए का टारगेट अर्चिव किया है, लेकिन उसके बावजूद उन्हें चार्जशीट कर दिया गया। यह टारगेट अब तक पिछले कई सालों के टारगेट से बेहतर है। मेयर ने कहा कि शुक्रवार को निगम कमिशनर के साथ बैठकर मसले को हल कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम उनका परिवार है और वह परिवार के साथ बातचीत करके जल्द मसले को हल किया जाएगा।