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IAS और IPS सहित 12 अधिकारियों पर गिरी गाज, डेढ़ साल पुराने मामले को लेकर गिरफ्तारी के वारंट जारी

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अजमेरः जिले की कोर्ट ने IAS गिरधर, IPS सुशील बिश्नोई, तहसीलदार, पुलिसकर्मी और पटवारी सहित 12 आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का मामला सामने आया है। इन लोगों पर 11 जून 2023 की रात 2 बजे जयपुर रोड अजमेर स्थित एक होटल में कर्मचारियों को डंडों और रॉड से पीटने का आरोप लगा है। सोमवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गेगल थाना पुलिस (अजमेर) के एफआर को नामंजूर कर दिया। साथ ही, एसपी को निर्देश दिया है कि आरोपियों को वारंट तामील करवाएं। केस डायरी भी कोर्ट ने तलब की है। वहीं प्रत्येक सोमवार को एसपी से केस से जुड़ी रिपोर्ट भी मांगी गई है। इस मामले में आईएएस गिरधर और आईपीएस सुशील बिश्नोई निलंबित चल रहे हैं।

जानकारी मुताबिक, आईपीएस अफसर सुशील बिश्नोई अजमेर में एडिशनल एसपी (सिटी) के पद पर कार्यरत थे। राज्य सरकार ने उन्हें गंगापुर जिले का ओएसडी लगाया था। ऐसे में एडिशनल एसपी के पद से उन्हें 10 जून को विदाई दी गई। एक रेस्टोरेंट में पार्टी रखी गई। पार्टी खत्म होने के बाद 11 जून की रात 2 बजे सुशील बिश्नोई कुछ दोस्तों के साथ मकराना राज होटल में खाना खाने पहुंचे थे। होटल मालिक महेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सुशील बिश्नोई अपने 4-5 साथियों के साथ प्राइवेट गाड़ी में होटल आए थे। इस दौरान होटल में बैठे एक कर्मचारी से पूछा यहां कैसे बैठे हो। उसने कहा कि होटल का स्टाफ हूं, सोने जा रहा हूं। इसके बाद आईपीएस ने उसे थप्पड़ मार दिया।

मारपीट दौरान अधिकारियों का वायरल हुआ सीसीटीवी वीडियो।
मारपीट दौरान अधिकारियों का वायरल हुआ सीसीटीवी वीडियो।

होटल के स्टाफ उमेश कुमार, महेंद्र गुर्जर और अन्य ने विरोध किया तो उन्होंने उनके साथ भी मारपीट, गाली गलौज की। फिर वे वापस चले गए। घटना की सूचना स्टाफ ने मुझे दी। इसके बाद हमने गेगल थाने को सूचना दी। रात 2.30 बजे आईपीएस सुशील कुमार, ASI रुपाराम पुलिसकर्मियों के साथ होटल पर आए।

उन्होंने रेस्ट रूम में जाकर स्टाफ के साथ लाठी, हॉकी, डंडों से मारपीट शुरू कर दी। रात 2.45 बजे आईपीएस उनके दोस्तों के साथ पुलिस जीप में रवाना हो गए। इसकी शिकायत रात 3 बजे फिर गेगल पुलिस को दी गई। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ शांति भंग में मुकदमा दर्ज किया। मामले में आरोपी अफसर सस्पेंड किए गए थे। जिन्हें बाद में बहाल कर दिया गया था।

इस मामले में आईएएस गिरधर पुत्र मूलाराम बेनीवाल तत्कालीन एडीए आयुक्त एवं वर्तमान में सीईओ माडा, श्रीगंगानगर, आईपीएस सुशील कुमार बिश्नोई पुत्र गणपतराम बिश्नोई निवासी बीकानेर, तत्कालीन एएसपी। वर्तमान में डिप्टी कमिश्नर जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, मुकेश कुमार पुत्र रामदेव जाट निवासी ग्राम सोंदीफल तहसील बोरखंडीकला पीपलू, टोंक, कनिष्ठ सहायक (तहसील) हनुमान पुत्र रामगोपाल चौधरी निवासी जाटों का मोहल्ला ग्राम देवली भांची, टोंक, कॉन्स्टेबल मुकेश कुमार पुत्र नागरमल निवासी खींचड़ों की ढाणी, लोसल, सीकर, पटवारी नरेंद्र चौधरी पुत्र रामप्रसाद चौधरी निवासी ग्राम ढूंढिया पीपलू, टोंक, सुरेंद्र पुत्र मूलाराम जाट निवासी ईसर नावड़ा खींवसर,नागौर हाल शिप्रापथ, जयपुर, तहसीलदार रामधन गुर्जर, तत्कालीन एएसआई पुलिस थाना गेगल रूपाराम पुत्र प्रभुराम निवासी ग्राम डाबोली, डेगाना, कॉन्स्टेबल गौतमराम पुत्र उगमा राम निवासी ग्राम श्याम नगर दसवां की ढाणी सुरसुरा, रूपनगढ़, कॉन्स्टेबल मुकेश यादव पुत्र पूर्णचंद निवासी ग्राम महीमपुरा तिजारा, अलवर, तत्कालीन गेगल थानाधिकारी सुनील कुमार बेड़ा पर केस दर्ज किया गया है।

अदालत ने कहा कि आरोपियों में वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं, इसलिए इनका गिरफ्तारी वारंट तामील कराने की जिम्मेदारी एसपी को दी है। वह विशेष कार्रवाई कर वारंट तामील कराएंगे। ऐसा नहीं होने पर तामील के लिए किए गए प्रयासों की रिपोर्ट मय आमद रवानगी के साथ प्रत्येक सोमवार को अदालत में हाजिर होकर लिखित में बताई जाएगी।

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