संगरूर: खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को आमरण अनशन पर बैठे हुए आज 58वां दिन हो गया है।वहीं देर रात डल्लेवाल ने मेडिकल ट्रीटमेंट लेने से इंकार दिया है। जगजीत डल्लेवाल की हालत डॉक्टरों द्वारा नाजुक बताई जा रही है। दूसरी ओर बताया जा रहा है कि डल्लेवाल का मेडिकल ट्रीटमेंट पिछले करीब 10 घंटे से बंद पड़ा है। इसकी वजह यह है कि डल्लेवाल की देखरेख के लिए तैनात मेडिकल टीम में किसी अनुभवहीन ट्रेनी सदस्य से डल्लेवाल की बाजू पर सही तरीके से ड्रिप नहीं लग पाई।
बार-बार प्रयास करने के बाद भी सफलता न मिलने पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने रात को ही ड्रिप लगवाने से इंकार कर दिया, जिसके बाद सुबह तक दोबारा ट्रीटमेंट शुरू नहीं हो पाया है। मेडिकल टीम के इस रवैये से आहत किसान नेताओं ने न केवल टीम पर आपत्ति जताई, बल्कि सरकार भी निशाना साधते हुए इसे कड़ी लापरवाही करार दिया व डल्लेवाल के लिए विशेषज्ञों की टीम तैनात करने के दावे पर भी सवाल उठाया।
किसानों ने एलान किया कि आज इस पर कड़ा नोटिस लेते हुए पटियाला प्रशासन से मांग की जाएगी कि वह माहिरों के पैनल को तैनात करके भविष्य में ऐसी लापरवाही को रोकें। बुधवार सुबह सीनियर पुलिस अधिकारी खनौरी बॉर्डर पर डल्लेवाल से बातचीत करने पहुंचे। किसान नेता काका सिंह कोटड़ा ने कहा कि रात ग्यारह बजे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को एक ग्लुकोज की छोटी बोतल लगाई गई, जिसे एक घंटे में समाप्त किया जाना था। डल्लेवाल के साथ ट्रॉली में मौजूद साथी अमरीक सिंह ने बताया कि पौने घंटे से ड्रिप ठीक से नहीं चल रही है।
जब मेडिकल टीम को सूचित किया तो डल्लेवाल के पास पहुंचे टीम के सदस्य ने ड्रिप की रफ्तार तेज कर दी, जिसके कुछ समय बाद ही डल्लेवाल की बाजू में सुजन आने लगी, दोबारा से सेहत कर्मी को बुलाया गया तो उसने कहा कि सूई बंद हो गई है। अन्य जगह पर लगानी होगी। बार-बार प्रयास करने पर भी सेहत कर्मी से सूई नस में नहीं लगी व डल्लेवाल की बाजू से खून बहने लगा। जिस पर डल्लेवाल ने ड्रिप लगवाने से इंकार कर दिया। जब मौके पर मौजूद किसान नेताओं ने मुलाजिम से पुछा कि वह कौन है व ड्रिप लगाने में इतनी दिक्कत क्यों हो रही है तो उसने जवाब दिया कि वह डॉक्टर नहीं, बल्कि ट्रेनी है। डॉक्टर सो रहे हैं।
जिसके चलते किसान नेताओं ने डल्लेवाल के कहने पर ड्रिप लगवाना बंद कर दिया। सुबह काका सिंह कोटड़ा ने कहा कि जब मौके पर तैनात सरकारी डॉक्टरों की टीम से बात की गई तो वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। रात वाले ट्रेनी से बात की तो उसने कहा कि वह साउथ एरिया से है, जिस कारण उसे उनकी बातचीत समझ नहीं आ रही। इस पर कड़ा नोटिस लेते किसान नेता कोटड़ा ने कहा कि डल्लेवाल के इलाज के नाम पर यह सरासर गैरजिम्मेदाराना रवैये है। यह डल्लेवाल को तंदरुस्त करने की बजाए, उनके सेहत से खिलवाड़ है।